पांकी में भूमि संरक्षण विभाग द्वारा निर्मित तालाब के अस्तित्व पर संकट, मेढ़ काटकर धड़ल्ले से बनाई जा रही ईंटें
पांकी में भूमि संरक्षण विभाग द्वारा निर्मित तालाब के अस्तित्व पर संकट, मेढ़ काटकर धड़ल्ले से बनाई जा रही ईंटें
पांकी प्रखंड के हुरलौंग गांव में सरकारी परिसंपत्तियों के दोहन का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ कुछ वर्ष पूर्व भूमि संरक्षण विभाग द्वारा लाखों की लागत से निर्मित एक तालाब को भू-माफिया और स्थानीय ईंट निर्माताओं द्वारा निशाना बनाया जा रहा है।
हुरलौंग गांव के स्मशान घाट के समीप तालाब की सुरक्षा के लिए बनाई गई मेढ़ की मिट्टी को अवैध रूप से काटकर उसी स्थान पर ईंटें पाथी जा रही हैं। मेढ़ की मिट्टी का कटाव होने से तालाब का ढांचा पूरी तरह कमजोर हो गया है। हैरानी की बात यह है कि तालाब के बेड (निचले हिस्से) का उपयोग ईंटों को सुखाने और स्टॉक करने के लिए व ईंट को पकाने के लिए किया जा रहा है।
सरकारी संपत्ति का नुकसान-जिस तालाब को जल संचयन और किसानों की मदद के लिए बनाया गया था, अब उसका अस्तित्व खतरे में है।
अवैध ईंट निर्माण-तालाब परिसर के भीतर ही भारी मात्रा में ईंटें तैयार की जा रही हैं, जो विभाग के नियमों का खुला उल्लंघन है।
मिट्टी का कटाव-मेढ़ काटने से आने वाले मानसून में तालाब के टूटने का खतरा बढ़ गया है, जिससे आसपास के क्षेत्र में जलजमाव या भू-क्षरण हो सकता है।
प्रशासनिक चुप्पी पर सवाल-
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह कार्य पिछले कुछ समय से चल रहा है, लेकिन अभी तक संबंधित विभाग या स्थानीय प्रशासन द्वारा इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। सरकारी पैसे से बनी संरचना को इस तरह नष्ट करना न केवल वित्तीय अनियमितता है, बल्कि पर्यावरण के साथ भी खिलवाड़ है।
”देखने वाली बात यह होगी कि खबर सार्वजनिक होने के बाद भूमि संरक्षण विभाग और पांकी प्रशासन इन अवैध ईंट भट्टों पर क्या कार्रवाई करता है और तालाब को पूर्ववत स्थिति में लाने के लिए क्या कदम उठाया जाता है।

