पांकी के मंगलपुर में सरकारी चापाकल व पेयजल योजना महीनों से ठप, ग्रामीणों ने निजी खर्च से कराई मरम्मत
पांकी के मंगलपुर में सरकारी चापाकल व पेयजल योजना महीनों से ठप, ग्रामीणों ने निजी खर्च से कराई मरम्मत
पांकी
पांकी प्रखंड अंतर्गत नौडीहा वन पंचायत के मंगलपुर गांव स्थित हरिजन टोला में लगा सरकारी चापाकल एवं सोलर पेयजल आपूर्ति योजना पिछले कई महीनों से खराब पड़ी है। इससे आधा दर्जन से अधिक परिवारों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। समस्या का समाधान नहीं होने पर शनिवार को ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी जताते हुए आपसी सहयोग से चापाकल की मरम्मत कराकर पेयजल की अस्थायी व्यवस्था की।
ग्रामीणों ने बताया कि उक्त चापाकल से टोले के कई परिवारों की पेयजल जरूरत पूरी होती है। इसी चापाकल से पाइपलाइन के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्र, मंगलपुर में भी नल के जरिए पानी की आपूर्ति की जाती थी, लेकिन पेयजल योजना पिछले एक वर्ष से अधिक समय से बंद पड़ी है। इसके कारण लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, चापाकल खराब होने की सूचना कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों को दी गई, लेकिन किसी स्तर पर मरम्मत की पहल नहीं की गई। अंततः प्रत्येक परिवार ने 500 रुपये की सहयोग राशि जुटाकर निजी खर्च से चापाकल की मरम्मत करवाई। ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले भी कई बार चापाकल खराब हुआ था, तब भी उन्होंने अपने खर्च पर ही मरम्मत कराई थी।
मौके पर भजन भुईया, शोभा देवी, बिगनी देवी, रूबी देवी, ललिता देवी, पनवा कुंवर, गुड्डी देवी, खुशमारी देवी सहित अन्य ग्रामीण मौजूद थे। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द स्थायी पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा खराब पड़ी जलापूर्ति योजना को चालू कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि कुछ सप्ताह पूर्व ही नौडीहा पंचायत में 15वें वित्त आयोग की राशि से चापाकलों एवं जलमीनारों की मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये की निकासी हुई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब मरम्मत के लिए राशि खर्च की गई, तो मंगलपुर की एक वर्ष से बंद पड़ी सोलर पेयजल योजना और खराब चापाकल की मरम्मत अब तक क्यों नहीं कराई गई। ग्रामीणों ने मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।

