“नबीनगर विधानसभा में बदलाव की हवा, नए चेहरों पर सबकी नजरें”
नबीनगर विधानसभा: बदलाव की मांग तेज़, नए चेहरों पर टिकी निगाहें
औरंगाबाद जिले की नबीनगर विधानसभा सीट पर इस बार का चुनावी समीकरण बेहद दिलचस्प होता दिख रहा है।
ऐतिहासिक झलक
नबीनगर विधानसभा का राजनीतिक इतिहास काफ़ी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। यहां से अब तक कई दिग्गज नेता चुनाव जीत चुके हैं। कभी यह सीट कांग्रेस के कब्ज़े में रही, तो कभी बीजेपी और जेडीयू ने यहां परचम लहराया। वहीं, हाल के वर्षों में राजद ने इस सीट पर अपनी पकड़ मज़बूत की है।
1990 और 2000 के दशक में इस क्षेत्र पर कांग्रेस और जेडीयू का अच्छा प्रभाव रहा।
पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह (भाजपा) का नाम यहां लंबे समय तक असरदार रहा।
वीरेंद्र सिंह (जेडीयू) ने भी कई बार चुनाव जीता और सांसद तक बने।
वर्तमान में यह सीट राजद के विजय कुमार सिंह उर्फ़ डब्लू सिंह के पास है।
वर्तमान समीकरण
वर्तमान विधायक डब्लू सिंह (राजद) के कार्यकाल को लेकर जनता में नाराज़गी साफ झलक रही है। लोगों का कहना है कि वे चुनावी मौसम में ही सक्रिय रहते हैं और जीत के बाद क्षेत्र से ग़ायब हो जाते हैं। विकास कार्यों की स्थिति संतोषजनक नहीं है और आम जनता की समस्याओं का समाधान अधूरा पड़ा है।
पूर्व विधायक और पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह (जेडीयू) भी लंबे समय से राजनीति में सक्रिय रहे हैं, लेकिन उम्रदराज़ होने के कारण उनका प्रभाव अब पहले जैसा नहीं रहा।
नबीनगर विधानसभा का समीकरण
इस बार का चुनाव त्रिकोणीय या चतुष्कोणीय मुकाबला बनने की ओर बढ़ रहा है।
राजद (RJD) – मौजूदा विधायक डब्लू सिंह के खिलाफ जनता की नाराज़गी है, ऐसे में पार्टी को नए चेहरे की तलाश करनी पड़ सकती है। यहां अनुज कुमार उर्फ़ “युवा शक्ति” अनु यादव का नाम सबसे आगे चल रहा है।
भाजपा (BJP) – संगठन मजबूत है। विक्रम नारायण सिंह और पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह संभावित दावेदार हैं। भाजपा का परंपरागत वोट बैंक भी यहां काफ़ी मजबूत माना जाता है।
जेडीयू (JDU) – संजीव कुमार सिंह और पूर्व विधायक वीरेंद्र सिंह के नाम चर्चा में हैं। हालांकि, गठबंधन की राजनीति में जेडीयू को सीट मिलेगी या नहीं, यह बड़ा सवाल है।
स्वतंत्र और क्षेत्रीय दावेदार – कुटुंबा प्रखंड प्रमुख धर्मेंद्र चंद्रवंशी और पंचायत मुखिया अमोल चंद्रवंशी, मृत्युंजय यादव, नीरज सिंह जैसे स्थानीय चेहरे भी समीकरण बिगाड़ने की क्षमता रखते हैं। वहीं पावर स्टार पवन सिंह भाजपा ज्वाइन करने के बाद पवन सिंह के भी नाम इस क्षेत्र से जोड़ा जा रहा है क्योंकि 2024 में लोकसभा चुनाव में पवन सिंह काराकाट लोकसभा से चुनाव लड़ा था तो नबीनगर विधानसभा भी अच्छा परफॉर्मेंस दिखा था और यहां राजपूत वॉटर भी अच्छा खासा है तो लोग हनुमान लग रहे हैं कि पवन सिंह भी यहां से चुनाव मैदान में उतर सकते हैं अगर उत्तर उतरेंगे तो समीकरण चेंज हो सकता है
“युवा शक्ति” अनु यादव पर नज़र
अनुज कुमार उर्फ़ अनु यादव ने 2021 में पहली बार पंचायत चुनाव जीता और मुखिया बने। किसान परिवार से निकलकर उन्होंने गांव-गांव में काम किया है, जिसकी वजह से वे जनता के बीच “युवा नेता” के तौर पर लोकप्रिय हो रहे हैं।
20 वर्षों से राजद से जुड़े अनु यादव का नाम इस बार नबीनगर विधानसभा में मज़बूत दावेदारों में गिना जा रहा है। हाल ही में पटना में आयोजित एक कार्यक्रम में मंत्री संतोष कुमार सुमन ने उन्हें सम्मानित भी किया।
अनु यादव का कहना है—
“जनता मालिक है, जनता जो कहेगी वही करेंगे।”
निष्कर्ष
इतिहास गवाह है कि नबीनगर की जनता ने बार-बार नए विकल्पों को आज़माया है। अबकी बार जनता की नज़रें बदलाव पर टिकी हैं। सवाल यही है कि क्या राजनीतिक दल पुराने चेहरों को ही आगे करेंगे या जनता की आवाज़ सुनकर युवा चेहरों को मौका देंगे।
इतना तय है कि 2025 का नबीनगर चुनाव “बदलाव बनाम परंपरा” और “युवा बनाम अनुभव” के बीच एक बड़ा मुकाबला बनने जा रहा है।






