मनातू में 15.18 लाख रुपये का मनरेगा घोटाला, जांच के बावजूद दोषियों पर कार्रवाई नहीं
मनातू में 15 लाख का मनरेगा घोटाला,,जांच के बावजूद दोषियों पर कार्रवाई नहीं
मनातू से अनिल कुमार की रिपोर्ट
मनातू (पलामू)पलामू जिले के मनातू प्रखंड में सरकार के महत्वाकांक्षी योजनाओं के क्रियान्वयन में बड़े पैमाने पर अनियमितता और लाखों रुपये के घोटाले का मामला सामने आया था।मनरेगा योजनाओं के तहत कागजों पर विकास तो खूब दिखाया गया है।लेकिन जमीन पर हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है।हैरानी की बात है कि घपले-घोटालों की शिकायतों के बाद जांच कमेटियां तो बनीं और जांच रिपोर्ट भी सौंपी गई।लेकिन दोषियों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
रंगेया पंचायत के ग्राम गढ़गांव में मुनिया देवी के डोभा निर्माण में बिना कार्य कराए ही 37536 रुपये निकाल ली गई थी।नौडीहा पंचायत के ग्राम तिलो गांव निवासी जितवाहन भुईयां डोभा निर्माण कार्य में 2 लाख 30000 रुपये निकासी कर ली गई। चक पंचायत के ग्राम धूमखाड़ में अरबिंद कुमार प्रहिया और रुस्तम खान के डोभा निर्माण में 2लाख 78 हजार 964 रुपये निकसी कर ली गई थी।रंगेया पंचायत के ग्राम गढ़गांव में फगुनी सिंह के डोभा निर्माण कार्य में 1 लाख 66 हजार 680 रुपये बिचौलियों के द्वारा निकासी कर ली गई थी।नावा गांव निवासी सबिता के डोभा निर्माण कार्य में 3 लाख 52 हजार 860 रुपये की निकासी कर गई।टंडवा और कुशहा गांव लाभुक सकुंतला देवी,कबिता कुमारी और शीतल देवी के नाम से टीसीबी और डोभा निर्माण कार्यों में 3 लाख रुपये की निकासी कर ली गई।नौडीहा पंचायत के ग्राम कुसमा टांड निवासी इनायत मियां के सिचाई कूप निर्माण कार्य में बिना कार्य कराए ही 1 लाख 52 हजार 320 रुपये की निकासी कर ली गई थी।सभी योजनाओं में कुल मिलाकर लगभग 15 लाख 18 हजार 360 रुपये की निकासी कर ली गई है।
मीडिया में खबर प्रकाशित होने के बाद सभी योजनाओं को जांच भी की गई थी।लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।सिर्फ जांच के नाम पर खानापूर्ति कर दी गई और मामले को ठंढ़े बस्ते में डाल दी गई।
आज तक किसी भी मुख्य आरोपी चाहे वह अधिकारी हो या जनप्रतिनिधि पर एफआईआर दर्ज करने या रिकवरी की कोई कार्रवाई नहीं की गई है।इस उदासीनता के कारण क्षेत्र के आम लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है।ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी खजाने की लूट खुलेआम हो रही है।और प्रशासनिक सुस्ती के कारण भ्रष्टाचारियों के हौसले बुलंद हैं।आखिर कब तक जांच के नाम पर घोटालेबाजों को बचाया जाता रहेगा।

