मजदूर किसान महाविद्यालय में राष्ट्रीय खेल दिवस पर खेल प्रतियोगिताओं का भव्य आयोजन
मजदूर किसान महाविद्यालय में राष्ट्रीय खेल दिवस पर खेल प्रतियोगिताओं का भव्य आयोजन
पांकी
हॉकी के महान जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती (राष्ट्रीय खेल दिवस) के अवसर पर मजदूर किसान महाविद्यालय, डंडार कला में खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय की एनसीसी (NCC), एनएसएस (NSS) इकाइयों के कैडेट्स सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।
खेलकूद के विभिन्न प्रकार जैसे गोला फेंक,डिसकस थ्रो,रस्साकशी,कबड्डी,प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता एवं प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को महाविद्यालय प्रशासन द्वारा सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्राचार्य डॉ दिलीप कुमार राम ने खिलाड़ियों के संबोधन में कहा कि आज का दिन केवल मैदान पर दौड़ने या ट्रॉफियां जीतने का नहीं है; यह खेल के उस गहरे महत्व को समझने का दिन है जो हमारे चरित्र, स्वास्थ्य और विचार शैली को आकार देता है। खेल केवल शारीरिक व्यायाम नहीं हैं, बल्कि ये जीवन के सबसे बड़े शिक्षक हैं।
खेल हमें जीवन के तीन सबसे महत्वपूर्ण पाठ पढ़ाते हैं जिसमें
अनुशासन और निरंतरता: प्रतिभा आपको शुरुआत दिला सकती है, लेकिन रोज़ का अभ्यास और अनुशासन ही आपको शिखर तक पहुँचाता है।
हार को स्वीकारना और वापसी करना: मैदान पर मिली हार हमें बताती है कि कहाँ सुधार की आवश्यकता है। जीवन में गिरकर दोबारा खड़े होने की कला खेल ही सबसे बेहतर सिखाते हैं।
आज की डिजिटल दुनिया में, जहाँ स्क्रीन का समय बढ़ता जा रहा है, खेल के मैदान में उतरना आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। जो पाठ आप किसी बंद कमरे या किताब से नहीं सीख सकते, वे खेल का मैदान चुटकियों में सिखा देता है।
मैं अपने सभी छात्रों से आग्रह करता हूँ कि अपनी दैनिक दिनचर्या में कम से कम एक खेल को अवश्य शामिल करें। जीत-हार से परे, खेल भावना को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।
कार्यक्रम का आयोजन NCC के एएनओ (ANO) डॉ. आलोक कुमार पाठक तथा खेल शिक्षक मनीष रंजन के नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
इस दौरान एनएएसी (NAAC) समन्वयक चौधरी सर, राजनीति विज्ञान के प्राध्यापक डॉ. पंकज कुमार सिंह, जमशेद आलम, ललन कुमार उपेंद्र कुमार सहित महाविद्यालय के तमाम शिक्षक एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।


