मेदिनीनगर नगर निगम में भ्रष्टाचार चरम पर, भाकपा(माले) ने की कार्रवाई की मांग

नगर निगम कार्यालय आम जनता की पहुँच से बाहर, भ्रष्टाचार चरम पर : भाकपा(माले)

मेदिनीनगर नगर निगम कार्यालय आज आम लोगों के लिए पूरी तरह से दुर्गम हो गया है। छोटे-छोटे प्रमाणपत्र जैसे जन्म प्रमाणपत्र, नक्शा, होल्डिंग तक तक के लिए आम नागरिकों को हफ्तों-हफ्तों तक चक्कर काटने पड़ते हैं। यह सब इसलिए हो रहा है क्योंकि नगर निगम में भ्रष्टाचार अपनी जड़ें जमा चुका है।

मेयर और निगम के जनप्रतिनिधियों ने कभी भी कार्यालय को पारदर्शी और जनसुलभ बनाने की कोशिश नहीं की। यही कारण है कि आज अधिकारी आम जनता की समस्याओं से कोई मतलब नहीं हैं। जन्म प्रमाणपत्र जैसे सामान्य कार्यों के लिए भी लोगों को घूस देने पर मजबूर होना पड़ रहा है।

भाकपा(माले) मेदिनीनगर नगर सचिव दिव्या भगत ने इसी मुद्दे पर नगर आयुक्त सह डीडीसी से मुलाकात किया। उन्होंने ने बताया कि एक अधिकारी दीपक नामक व्यक्ति द्वारा जन्म प्रमाणपत्र के नाम पर लोगों से हजारों रुपये की वसूली की गई है। इसके ठोस सबूत भी मौजूद हैं, फिर भी अब तक उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

भाकपा(माले) मेदिनीनगर नगर कमेटी ने स्पष्ट कहा है कि नगर निगम कार्यालयों को जनता के प्रति जवाबदेह बनाने के लिए मजबूत लड़ाई लड़ी जाएगी। पार्टी ने मांग की है कि संबंधित अधिकारी पर तुरंत कार्रवाई की जाए और नगर निगम के कामकाज में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।