कस्तूरबा विद्यालय में पत्रकारों की एंट्री रोकी, व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। शिक्षा व्यवस्था और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता का दावा करने वाले प्रशासन की पोल एक बार फिर खुल गई है। मामला बरवाडीह प्रखंड का है, जहां कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की सुरक्षा और व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। यहां कवरेज के लिए पहुंचे स्थानीय पत्रकारों को विद्यालय प्रबंधन ने आवासीय परिसर दिखाने से साफ इनकार कर दिया। आखिर कस्तूरबा विद्यालय की चारदीवारी के पीछे ऐसा क्या छुपाया जा रहा है विद्यालय में मिल रही सुविधाओं, छात्राओं की उपस्थिति और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने जब स्थानीय पत्रकार स्कूल परिसर पहुंचे, तो वहां का नजारा हैरान करने वाला था। स्कूल की वार्डन रुबी कुमारी अनुपस्थिति थी और सुरक्षाकर्मियों ने पत्रकारों को मुख्य गेट पर ही रोक दिया। जब पत्रकार ने आवासीय परिसर और हॉस्टल की स्थिति दिखाने का आग्रह किया, तो प्रबंधन ने साफ मना कर दिया।यह कोई पहला मामला नहीं है जब कस्तूरबा विद्यालयों में मीडिया की एंट्री पर रोक लगाई गई हो। लेकिन बरवाडीह का यह वाकया कई गंभीर सवाल खड़े करता है। सूत्रों की मानें तो स्कूल में छात्राओं की वास्तविक उपस्थिति, मीनू के अनुसार भोजन का वितरण और बुनियादी सुविधाओं में भारी अनियमितता बरतने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इसी सच्चाई को उजागर होने से बचाने के लिए पत्रकारों को अंदर जाने से रोका गया।स्कूल के बाहर का जब पत्रकारों ने अंदर जाने की जिद की और पूछा कि आखिर किस आदेश के तहत मीडिया को रोका जा रहा है, तो स्कूल प्रबंधन की तरफ से कोई लिखित आदेश नहीं दिखाया गया। सिर्फ मौखिक तौर पर ‘ऊपर का आदेश’ होने का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया गया। लोकतांत्रिक देश में मीडिया को हकीकत दिखाने से रोकना सीधे तौर पर सच्चाई को दबाने की कोशिश है।
बरवाडीह से रिपोर्ट अर्चना कुमारी।

