कोडरमा विधि महाविद्यालय में तीन दिवसीय अंतरराज्यीय संस्कृति एवं खेलकूद प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ

कोडरमा विधि महाविद्यालय में तीन दिवसीय अंतरराज्यीय संस्कृति एवं खेलकूद प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ
आज कोडरमा विधि महाविद्यालय के प्रांगण में झारखंड एजुकेशनल एंड कल्चर डेवलपमेंट सोसाइटी के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय अंतर राज्य संस्कृति एवं खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारंभ बड़े हर्षोल्लास के साथ किया गया। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का उद्घाटन झारखंड उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं झारखंड बार काउंसिल के उपाध्यक्ष माननीय राजेश शुक्ला जी के कर-कमलों द्वारा सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के प्रथम दिन महाविद्यालय परिसर उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक विविधता का अद्भुत संगम बना रहा।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित स्टेट बार काउंसिल के उपाध्यक्ष सह अधिवक्ता राजेश शुक्ला जी का भव्य स्वागत महाविद्यालय परिवार एवं आयोजन समिति द्वारा पारंपरिक अंगवस्त्र, विष्णु चरण चिन्ह तथा सम्मान-पत्र भेंट कर किया गया। अध्यक्षता महाविद्यालय के सम्मानित सचिव डॉ. डी. एन. मिश्रा जी ने की, जबकि इस कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि महाविद्यालय की दाता कला देवी जी रहीं, जिनकी उपस्थिति से समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।
इस अवसर पर जिला अधिवक्ता संघ, कोडरमा के अध्यक्ष जगदीश सलूजा जी, समाजसेवी भोला सिंह, भरत कुमार झा, विनोद सिंह, विजय कुमार सिंह, महाविद्यालय के अभियंता गणेश प्रसाद स्वर्णकार तथा अन्य विशिष्ट व्यक्तित्वों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष महत्व प्रदान किया। मंच से सभी अतिथियों को पारंपरिक सम्मान सामग्री प्रदान कर आयोजकों ने झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और अतिथि-सत्कार की परंपरा को सजीव कर दिया।
खेल मुकाबलों में उमड़ा जोश, प्रतिभागियों ने दिखाया दम
कार्यक्रम के पहले दिन खेलकूद प्रतियोगिताओं की शुरुआत दौड़ प्रतियोगिता से हुई, जिसमें विभिन्न महाविद्यालयों एवं राज्यों से आए प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। इसके बाद लॉन्ग जंप, हाई जंप सहित कई प्रकार की एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। मैदान पर छात्रों के जोश, ऊर्जा और प्रतिस्पर्धात्मक भावना का अद्भुत नजारा देखने को मिला।

प्रत्येक प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल द्वारा प्रतिभागियों के प्रदर्शन का सूक्ष्म मूल्यांकन किया गया तथा प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान के विजेताओं की घोषणा मंच से की गई। तीन दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन सभी विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार और स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया जाएगा।
अतिथियों के ओजस्वी विचारों ने बढ़ाया प्रतिभागियों का मनोबल
उद्घाटन समारोह में अपने प्रेरक उद्बोधन में मुख्य अतिथि माननीय राजेश शुक्ला जी ने कहा कि—
“खेलकूद किसी भी छात्र के जीवन में ऊर्जा, अनुशासन और आत्मविश्वास का संचार करता है। खेलों को बढ़ावा देने से न केवल छात्र शारीरिक रूप से मजबूत बनते हैं, बल्कि वे मानसिक रूप से भी अधिक सक्षम होते हैं। आज के प्रतिभागी कल अपने महाविद्यालय, अपने जिला और अपने राज्य का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करेंगे। ऐसे आयोजन युवाओं को सही दिशा और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि महाविद्यालय के छात्रों में छिपी प्रतिभा को पहचानने और उन्हें बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने आयोजन समिति सह महाविद्यालय के सचिव डॉ डी एन मिश्रा जी की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि यह प्रतियोगिता आने वाले वर्षों में और भी बड़े स्तर पर आयोजित की जाएगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. डी. एन. मिश्रा जी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा—”पुरानी कहावत थी कि पढ़ोगे-लिखोगे बनोगे नवाब, खेलोगे-कूदोगे बनोगे खराब, परंतु आज समय बदल चुका है। अब खेल सिर्फ शारीरिक विकास का माध्यम नहीं बल्कि करियर, अवसर और सम्मान का नया मार्ग बन चुका है। पढ़ाई और खेल दोनों मिलकर ही छात्र का सर्वांगीण विकास करते हैं। जो छात्र खेल को अपनाते हैं, वे न केवल स्वस्थ रहते हैं बल्कि आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता में भी उत्कृष्ट होते हैं।”उन्होंने महाविद्यालय परिवार और आयोजकों की मेहनत की सराहना की तथा सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
अन्य विशिष्ट अतिथियों ने भी छात्रों को मनोबल बढ़ाने वाले संबोधन दिए और कहा कि इस प्रकार की सांस्कृतिक एवं खेलकूद प्रतियोगिताएँ युवाओं को एकता, अनुशासन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का संदेश देती हैं। उन्होंने कहा कि खेल युवा पीढ़ी को सामाजिक समरसता, टीम वर्क और परिश्रम का महत्व सिखाता है।सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बढ़ाई शोभाप्रथम दिन के कार्यक्रम में जहां एक ओर खेल मुकाबले रोमांच का केंद्र थे, वहीं दूसरी ओर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने लोक-नृत्य, गीत, वादन कला एवं सांस्कृतिक झलकियों के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विविधता को गौरवान्वित किया। संगीत और तालियों की गूंज से महाविद्यालय का वातावरण जीवंत और ऊर्जा से परिपूर्ण बना रहा।आयोजन समिति का सराहनीय प्रयास
झारखंड एजुकेशनल एंड कल्चर डेवलपमेंट सोसाइटी द्वारा आयोजित यह तीन दिवसीय कार्यक्रम न केवल खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह युवा प्रतिभाओं को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर भी प्रदान करता है। आयोजन समिति के सदस्यों ने कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु पूरी निष्ठा के साथ तैयारी की, जिसके परिणामस्वरूप इसकी शुरुआत अत्यंत भव्य और अनुकरणीय रही। आज के कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर आत्मानंद कुमार पांडे अधिवक्ता महाविद्यालय का बॉडी गवर्नर डॉ मनीष पंकज मिश्रा राजेंद्र प्रसाद अधिवक्ता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ विकास राय अजय भट्टाचार्य प्रोफेसर अजय कुमार पांडे अश्विनी कुमार मिश्रा डॉ अश्वनी कुमार मिश्रा सुनील कुमार यादव प्रोफेसर विनीता कुमारी प्रोफेसर सुप्रिया सिंह प्रोफेसर सपना राजमणि प्रोफेसर नूपुर वर्मा प्रोफेसर कविता कुमारी नीरज कुमार सिन्हा बीके सिंह पीके सिंह रामबालक पांडे धर्मेंद्र पांडे ललन कुमार सहित कई महाविद्यालय के सदस्यों उपस्थित रहे