किसानों ने CM हेमंत सोरेन और बाबूलाल मरांडी का पुतला फूंका, 8 दिनों से धरना जारी

विगत 8 दिनों से खुले आसमान के नीचे धूप, बरसात,मच्छर और अँधियारा को झेलते हुए समाहरणालय के समक्ष पपरवाटांड सीo सीo एलo मैदान में दिन-रात अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे हुए किसानों का सत्ता पक्ष और विपक्ष के किसी नेता द्वारा अब तक संज्ञान नहीं लिए जाने से आक्रोशित किसानों ने मंगलवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी का पुतला दहन किया l पुतला दहन के पूर्व धरना को संबोधित करते हुए किसान जनता पार्टी के संरक्षक घनश्याम पंडित ने कहा कि माननीय झारखंड उच्च न्यायालय ने रिट याचिका संख्या 5925/ 2022 अवधेश कुमार सिंह बनाम झारखंड राज्य में झारखंड सरकार को गिरिडीह जिला के सभी मौजा के जमीन के जमाबंदी से संबंधित रजिस्टर टू का प्रमाणित प्रतिलिपि उपलब्ध कराने का आदेश दिया है l सरकारी अधिकारी कोर्ट में हलफनामा भी देते हैं कि कोर्ट के आदेश का अनुपालन करेंगे पर आदेश का अनुपालन नहीं होता है l सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों चाहते है कि जमीन विवाद बना रहे ताकि भ्रष्ट अफसर और जमीन माफिया रैयतों के जमीन के जमाबंदी में हेरा फेरी करके रैयतों का जमीन लूटते रहे और उन्हें मोटा रकम चंदा में मिलता रहे l सत्ता पक्ष और नेता प्रतिपक्ष सोचते हैं कि पुलिस और भू माफिया गुंडों से पीटवाकर हम किसानों के आवाज को दबा देंगे पर उनका यह नापाक मंसूबा हम किसान कामयाब नहीं होने देंगे l किसान जनता पार्टी के संयोजक दासो मुर्मू ने किसानों का आह्वान करते हुए कहा कि गिरिडीह जिला के सभी पीड़ित किसान अपना बोरिया बिस्तर के साथ इस धरना में शरीक हो जाएँ और जब तक बिना घूस के आपके मौजा के सम्पूर्ण रजिस्टर टू के सभी पन्नों का प्रमाणित प्रति नहीं मिल जाता है, मृत पूर्वजों का जमाबंदी रजिस्टर 2 में आपके नाम पर कायम नहीं हो जाता है, जमीन का ऑनलाइन एंट्री और लगान रसीद निर्गत नहीं हो जाता है, गैर मजरूआ खास, भूदान और बकासत जमीन का लगान रसीद निर्गत नहीं हो जाता है और किसानों को मिलने वाला किसान सम्मान निधि का राशि मिलना शुरू नहीं हो जाता है तब तक आप अपना डेरा डण्डी इस मैदान में बनाए रखे l पुतला दहन कार्यक्रम में विजय कुमार, बिरजू राय, नारायण राय, धनेशवर महतो, भागीरथ राय, सुनील साव, राजेन्द्र यादव, संतोष बास्के, नीलम कुमारी, खुशबु देवी, ललिया देवी, संगीता मरांडी, सुमनि सोरेन, बड़की किस्कू, मानवेल हंसदा, जहांगीर अंसारी, अफसर खान, नबी अंसारी, छत्रधारी सिंह, कामेश्वर मंडल, थामी मंडल, बाटु मरांडी रीना टुडू, संजना टुडू, मालती देवी , छोटू मांझी सहित अनेकों किसान उपस्थित रहे l