कार्तिक पूर्णिमा और देव दीपावली के पावन पर्व पर सलैया गांव में परहैया आदिम जनजाति परिवारों को वस्त्र-मिठाई वितरण, शिक्षा-नशामुक्ति पर जागरूकता

कार्तिक पूर्णिमा और देव दीपावली के पावन पर्व पर सलैया गांव में परहैया आदिम जनजाति परिवारों को वस्त्र-मिठाई वितरण, शिक्षा-नशामुक्ति पर जागरूकता

पलामू, 5 नवंबर 2025: कार्तिक पूर्णिमा और देव दीपावली के शुभ अवसर पर झारखंड के पलामू जिले के सतबरवा प्रखंड अंतर्गत रबदा पंचायत के ग्राम सलैया में एक नेक पहल की गई। यहां की आदिम जनजाति परहैया परिवारों के बीच ठंड के मौसम को ध्यान में रखते हुए सैकड़ों वस्त्रों और मिठाइयों का वितरण किया गया। साथ ही, शिक्षा के महत्व और नशे की लत से दूर रहने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया।
परहैया जनजाति, जो पलामू के घने जंगलों और पहाड़ियों में निवास करने वाली एक लघु आदिम जनजाति है, मुख्य रूप से स्थानांतरित कृषि पर निर्भर रहती है। इस समुदाय के परिवार अक्सर आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं, और सर्दी के मौसम में उनके लिए गर्म वस्त्र एक बड़ी राहत साबित होते हैं। इस कार्यक्रम के माध्यम से न केवल उनकी तात्कालिक जरूरतें पूरी की गईं, बल्कि भविष्योन्मुखी सोच को बढ़ावा दिया गया। जागरूकता सत्र में वक्ताओं ने युवाओं को शिक्षा ग्रहण करने और नशे के दुष्प्रभावों से बचने का संदेश दिया, जो इस जनजाति के सामाजिक उत्थान के लिए महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से निर्दोष कुमार, बिहारी प्रसाद, शिक्षक नरेश परहैया, हरेंद्र परहैया, गरीब बबलू, संतु, वीरेंद्र, नागेंद्र परहैया उपस्थित रहे। इन सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं ने संयुक्त रूप से इस आयोजन को सफल बनाया। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समुदाय को मजबूत बनाने में सहायक होंगे।
पलामू जिले में परहैया जैसी आदिम जनजातियों का संरक्षण और विकास राज्य सरकार की प्राथमिकता में है। यह कार्यक्रम इसी दिशा में एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करता है, जो त्योहारों की भावना को सामाजिक सेवा से जोड़ता है।