कामता पंचायत में गहराया पेयजल संकट, बूंद-बूंद पानी को तरस रहे आदिम जनजाति परिवार
कामता पंचायत में पेयजल संकट गहराया
पड़ रही भीषण गर्मी में बूंद. बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं आदिम जनजाति परिवार के लोग, आदिम युग जैसी जिंदगी जीने को मजबूर
गांव में दो नल-जल लेकिन दोनों खराब,
सरकार द्वारा संरक्षित जनजातीय समुदायों
का बुरा हाल
पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने गांव का भ्रमण कर पेयजल समस्याओं की ली जानकारी
चंदवा। कामता पंचायत के ग्राम दामोदर के परहैया टोला में करीब तीन चार माह से नल-जल योजना खराब होकर बंद पड़ा हुआ है, इससे दर्जन भर से अधिक आदिय जन जाति परिवार बुंद बुंद पानी के लिए तरस रहे हैं, पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने परहैया टोला का भ्रमण कर ग्रामीणों से मिलकर पानी समस्या की जानकारी ली, उन्होंने बताया कि पड़ रही भीषण गर्मी में यहां के ग्रामीणों को पीने की पानी के लिए काफी परेशानी हो रही है, परहैया टोला में रहने वाले परहैया परिवार के समुदाय के आज भी आदिम युग जैसी जिंदगी जीने को मजबूर हैं, शुद्ध पेयजल इन्हें नसीब नहीं हो रही है।
प्यास बुझाने के लिए ग्रामीणों को कुआं का सहारा लेना पड़ रहा है, हालत इतनी बदतर है कि मासूम बच्चे और बुजुर्ग महिलाएं पानी के लिए कड़कड़ाती धूप में भटक रहे हैं, परहैया जाति के परिवार आज भी साफ पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित हैं,
गर्मी बढ़ते ही पंचायत के गांव टोलों में जल संकट गहरा गया है और ग्रामीण नदी -नालों के सहारे जीवन गुजारने को मजबूर हैं, साफ पानी नहीं मिलने से गांव में बीमारियों का खतरा बना हुआ है, शुद्ध पानी नहीं मिलने से स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ सकती हैं।
सरकार द्वारा विशेष योजनाओं के तहत पिछड़े और संरक्षित जनजातीय समुदायों को विकास से जोड़ने और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कई कार्य किए जा रहे हैं लेकिन अंतिम पायदान पर खड़े गांव और परिवार आज भी पानी और विकास से महरूम हैं।
ग्रामीण बुटन परहैय, शिबन देवी, सबीता देवी, एतवरिया देवी, बुधमनीयां देवी का कहना है कि गांव में पीने के पानी का सिर्फ एक कुआं है इसके दुषित पानी से जिंदगी गुजार रहे हैं,
गांव में दो नल-जल लगाए गए हैं एक नल-जल लगते ही बेकार पड़ा हुआ है दुसरे नल-जल करीब तीन चार माह से खराब पड़ा है।
पंसस अयुब खान ने पंचायत में गहराए पेयजल संकट को जल्द से जल्द दूर करने की मांग उपायुक्त महोदय संदीप कुमार से की है।

