जन्म से नहीं बल्कि कर्म से मनुष्य श्रेष्ठता को प्राप्त करता है- मदन प्र.केशरी
जन्म से नहीं बल्कि कर्म से मनुष्य श्रेष्ठता को प्राप्त करता है- मदन प्र.केशरी
गढ़वा:-स्थानीय जीएन कॉन्वेंट +2 स्कूल में संत रविदास की जयंती पर एक भव्य कार्यक्रम् आयोजित किया गया जिसमें छात्र छात्राओं ने अहम भूमिका निभाई।
कार्यक्रम की शुरुआत शिक्षाविद एवम विद्यालय के निदेशक मदन केशरी तथा उपप्राचार्य बसंत ठाकुर द्वारा संत शिरोमणि रविदास के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर किया गया।
अपने संबोधन में निदेशक ने कहा कि संत रविदास ईश्वर के सच्चे उपासक और अध्यात्म के अग्रिम पुरोधा थे। उन्होंने समाज में व्याप्त जात-पात और ऊँच-नीच के भेदभाव को दूर कर समाज को एकता के सूत्र में बाँधने का प्रयास अध्यात्म के माध्यम से किया। संत रविदास ने समाज को संदेश दिया कि व्यक्ति बड़ा या छोटा अपने जन्म से नहीं अपितु अपने कर्म से होता है। रविदास धर्म के पथ पर चलने वाले महान पुरुष थे। इनके विचारों, सिद्धांतो को सदैव स्वयं में जीवित रखने के लिए और उनके जन्म दिवस को उत्सव के रूप में मनाने हेतु हर वर्ष संत रविदास जयंती मनाया जाता है।
संत रविदास निर्गुण धारा के ज्ञानाश्रयी कवि थे। ईश्वर से प्राप्त दैनिक शक्तियों को इन्होंने समाज कल्याण व सच्ची ईश्वर भक्ति में जग को सराबोर करने में लगाया। अतः हमें भी उनके बताए गए मार्ग पर चलने का प्रयास करना चाहिए।
कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षक उदयप्रकाश, खुर्शीद आलम, मुकेश भारती, बीरेन्द्र साह, नीरा शर्मा, निलम कुमारी, सुनिता कुमारी, सरिता दुबे, शिवानी कुमारी, रिजवाना शाहिन, सुस्मिता कुमारी, सुषमा तिवारी, संतोष प्रसाद आदि की भूमिका सराहनीय रही।
मंच संचालन सन्तोष प्रसाद और धन्यवाद ज्ञापन नीरा शर्मा ने की सभा के अंत में सभी उपस्थित छात्र छात्रा के बीच टॉफी का वितरण किया गया।
