जिला स्तरीय स्वास्थ्य समिति की बैठक का प्रमुख संघ ने किया बहिष्कार, अधिकारों के हनन का लगाया आरोप

जिला स्तरीय निगरानी एवं अनुश्रवण समिति की बैठक का पलामू प्रमुख संघ ने किया बहिष्कार, अधिकारों के हनन का लगाया आरोप

मेदिनीनगर (पलामू): स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के जिला स्वास्थ्य समिति, पलामू द्वारा जारी पत्र के आलोक में 8 सितंबर 2026 को आयोजित जिला स्तरीय निगरानी एवं अनुश्रवण समिति की बैठक का पलामू जिला प्रमुख संघ ने बहिष्कार किया। बैठक में प्रखंड प्रमुखों को सूचना नहीं दिए जाने का आरोप लगाते हुए संघ ने कड़ा विरोध जताया।

पलामू प्रमुख संघ की जिला अध्यक्ष गीता मेहता ने प्रेस बयान जारी कर सिविल सर्जन, पलामू की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विभागीय पत्र में सदस्य सूची के क्रम संख्या 10 पर स्पष्ट रूप से “सभी प्रमुख, पलामू” को अधिकृत सदस्य बनाया गया है। इसके अलावा प्रखंड स्तर पर स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष होने के नाते ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य समस्याओं को जिला स्तर पर रखने का अधिकार जनप्रतिनिधियों को है।

संघ का आरोप है कि इसके बावजूद जिले के किसी भी प्रखंड प्रमुख को बैठक की लिखित या आधिकारिक सूचना समय पर नहीं दी गई। संघ ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को बैठक से दूर रखना उनके अधिकारों का हनन है और इससे ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य समस्याएं जिला स्तर तक पहुंचने से वंचित रह जाती हैं।

पलामू प्रमुख संघ ने कहा कि ग्रामीण जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जनप्रतिनिधियों के सुझाव और सहभागिता जरूरी है। संघ ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासनिक उपेक्षा और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी जारी रही, तो चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।

मौके पर पाटन प्रखंड प्रमुख शोभा देवी सहित जिले के अन्य प्रखंड प्रमुख मौजूद रहे और बैठक में सूचना नहीं दिए जाने को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।