झारखंड में पेयजल सुविधा में बड़ा बदलाव, 35 लाख घरों तक पहुंचा नल से जल
झारखंड में पेयजल की सुविधा को लेकर पिछले 26 वर्षों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। साल 2000 में जहां करीब 1.22 करोड़ लोग नदी, तालाब और कुओं जैसे जलस्रोतों पर निर्भर थे, वहीं 2026 तक राज्य के 35 लाख घरों में पाइपलाइन के जरिए नल से जल पहुंचाया जा रहा है।
इसके अलावा 2 करोड़ से अधिक लोगों को सामुदायिक जलापूर्ति योजनाओं का लाभ मिल रहा है। सरकार का लक्ष्य अगले दो वर्षों में 65 लाख घरों तक पाइप से पेयजल पहुंचाने का है।
वहीं, राज्य में वर्षा जल संचयन में भी 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, इस मामले में झारखंड अब भी राष्ट्रीय औसत से पीछे है। राज्य सरकार ने शुद्ध पेयजल की उपलब्धता बढ़ाने के लिए हैंडपंप और छोटे तालाबों के निर्माण पर भी जोर दिया है

