जारी प्रखंड में पपीता क्लस्टर की तैयारी, किसानों को आधुनिक बागवानी का प्रशिक्षण
जारी प्रखंड में उद्यानिकी को मिलेगा नया विस्तार, रुद्रपुर व सीसी करमटोली में किसानों को आधुनिक बागवानी का प्रशिक्षण; पपीता क्लस्टर विकसित करने की कवायद शुरू
गुमला। जिले के परमवीर अल्बर्ट एक्का (जारी) प्रखंड में उद्यानिकी को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से उद्यान विकास योजना के तहत रुद्रपुर एवं सीसी करमटोली पंचायत में आमसभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसानों को आधुनिक बागवानी, वैज्ञानिक खेती और सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई, वहीं पपीता क्लस्टर विकसित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की गई।
गोविंदपुर पंचायत के रुद्रपुर गांव में आयोजित आमसभा की अध्यक्षता जिला परिषद सदस्य दिलीप बड़ाइक ने की। इस अवसर पर जिला उद्यान पदाधिकारी डॉ. तमन्ना प्रवीण एवं उद्यान तकनीकी विशेषज्ञ दीपक कुमार ने किसानों को फल एवं सब्जी आधारित बागवानी, आधुनिक कृषि तकनीकों, सरकारी योजनाओं के लाभ तथा आय बढ़ाने के प्रभावी उपायों की जानकारी दी। उन्होंने किसानों से योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाकर पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी को अपनाने का आह्वान किया।
बैठक के बाद अधिकारियों ने रुद्रपुर स्थित मिर्च क्लस्टर का निरीक्षण किया। यहां 11 हेक्टेयर क्षेत्र में 20 किसान व्यावसायिक स्तर पर मिर्च की खेती कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान फसल की स्थिति का जायजा लेते हुए किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने, फसल प्रबंधन एवं उत्पादन बढ़ाने के संबंध में आवश्यक तकनीकी सुझाव दिए गए।
निरीक्षण के दौरान डब्ल्यूओटीआर संस्था के कृषि विशेषज्ञ कृष्ण महतो, एनआरएम विशेषज्ञ अभिषेक वत्स, टीम लीडर विकास जोसफ, विजय नौरंगी, बलवंत सिंह सहित संस्था के अन्य कर्मी एवं बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
इसके बाद अधिकारियों ने सीसी करमटोली पंचायत में पपीता क्लस्टर विकसित करने के लिए संभावित स्थल का निरीक्षण किया। पंचायत भवन में आयोजित आमसभा में किसानों को पपीता की व्यावसायिक खेती, क्लस्टर आधारित उद्यानिकी, वैज्ञानिक बागवानी तकनीकों तथा विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में सीताराम सिंह, बिपिन सिंह, शिवानंद मुंडा, अर्जुन मिंज, पंकज कुजुर, सत्यम सिंह, सतनारायण सिंह, रामकिशोर सिंह, सतीश सिंह, बृजेश सिंह सहित बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य क्षेत्र में उद्यानिकी को बढ़ावा देना, किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ना तथा सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से उनकी आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करना है।







