गुरु का सम्मान ही सुखमय जीवन का मार्ग : अविनाश देव
गुरु का सम्मान ही सुखमय जीवन का मार्ग : अविनाश देव
मेदिनीनगर (पलामू)। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर पाटन प्रखंड के लोइंगा गांव में गुरु भाई-बहनों द्वारा गुरु चर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित अविनाश देव का वरीय गुरुभाई गोकुलानंद तिवारी ने अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने गुरु पूर्णिमा के धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए महर्षि वेदव्यास, भगवान बुद्ध और भगवान शिव के आदर्शों का स्मरण किया। अपने संबोधन में अविनाश देव ने कहा कि “गुरु का सम्मान और उनके बताए मार्ग पर चलना ही सुखमय एवं सफल जीवन का सबसे बड़ा आधार है।” उन्होंने कहा कि गुरु जीवन जीने की कला, सीमित संसाधनों में बेहतर जीवन और समाज के प्रति जिम्मेदारी का बोध कराते हैं।
उन्होंने लोगों से अंधविश्वास, जादू-टोना और सामाजिक कुरीतियों से दूर रहने, बच्चों विशेषकर बेटियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने तथा पारिवारिक मूल्यों और रिश्तों को मजबूत बनाने का आह्वान किया। उन्होंने भगवान बुद्ध और सम्राट अशोक के जीवन का उदाहरण देते हुए मानवता, करुणा और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में एडवोकेट ओंकार नाथ तिवारी ने अपनी संगीतमय प्रस्तुति से गुरु चर्चा को भावपूर्ण बनाया, जबकि राधेश्याम सोनी, आमोद भैया, प्रतिमा बहन सहित अनेक गुरु भाई-बहनों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। अंत में सभी उपस्थित श्रद्धालुओं को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए गुरु के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया गया।

