गुमला समाहरणालय में CBRN आधारित मॉक ड्रिल, NDRF और जिला प्रशासन ने आपदा से निपटने की तैयारी का किया प्रदर्शन

गुमला समाहरणालय में CBRN आधारित मॉक ड्रिल, NDRF और जिला प्रशासन ने आपदा से निपटने की तैयारी का किया प्रदर्शन

गुमला – संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से शनिवार को गुमला समाहरणालय परिसर में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) द्वारा सीबीआरएन (केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल एवं न्यूक्लियर) आधारित मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। इस अभ्यास में एनडीआरएफ और जिला प्रशासन की टीमों ने संयुक्त रूप से विभिन्न आपदा परिस्थितियों में बचाव एवं राहत कार्यों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया।
मॉक ड्रिल के दौरान एनडीआरएफ की टीम ने रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर आपदा जैसी संभावित परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई करते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन कैसे चलाया जाता है, इसका चरणबद्ध तरीके से प्रदर्शन किया। साथ ही प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पर निकालने, प्राथमिक उपचार देने और प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित करने की प्रक्रिया भी दिखायी गई।
एनडीआरएफ की 9वीं बटालियन के डिप्टी कमांडेंट विनय कुमार ने बताया कि इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य जिला प्रशासन और एनडीआरएफ के बीच समन्वय को और मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि इस तरह के अभ्यास से संभावित दुर्घटनाओं से निपटने की रणनीति बेहतर होती है और जहां भी कमियां सामने आती हैं, उन्हें चिन्हित कर आवश्यक सुधार किया जाता है।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त दिलेश्वर महतो ने कहा कि मॉक ड्रिल के माध्यम से बचाव दल द्वारा विभिन्न गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया और उपस्थित अधिकारियों व कर्मियों को रेस्क्यू प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई, जिससे किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई संभव हो सके।
कार्यक्रम में अपर समाहर्ता शशिंद्र कुमार बड़ाइक, सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी, अनुमंडल पदाधिकारी चैनपुर पूर्णिमा कुमारी, अनुमंडल पदाधिकारी गुमला राजीव नीरज, डीएसपी मुख्यालय वीरेंद्र टोप्पो, सार्जेंट मेजर, डीसीएलआर चैनपुर, डीसीएलआर बसिया शेखर कुमार, अंचल अधिकारी गुमला, बसिया, कामडारा एवं चैनपुर सहित एनडीआरएफ की टीम, जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मी और विभिन्न प्रखंडों से आए बीडीओ व अंचल अधिकारी मौजूद रहे।