गुमला में 130 छात्राओं ने बनाई राखियां, जवानों के लिए गूंथे विशेष रक्षा सूत्र

रेशमी धागों में गुथ प्रेम और संस्कार: सरस्वती शिशु विद्या मंदिर गुमला में 130 बहनों ने गढ़ी रक्षा की डोर

एनसीसी की छात्राओं ने सरहद पर तैनात देश के वीर जवानों के लिए गूंथे विशेष रक्षा सूत्र

डीएसपी रोड स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में रक्षा सूत्र निर्माण कार्यशाला का आयोजन पूरे हर्षोल्लास के साथ किया गया। इस कार्यशाला में विद्यालय की 130 बहनों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और अपनी रचनात्मकता का शानदार प्रदर्शन करते हुए आकर्षक एवं कलात्मक राखियां तैयार कीं। इस आयोजन का मुख्य आकर्षण एनसीसी की बहनों द्वारा देश के रक्षक वीर जवानों के लिए बनाए गए विशेष रक्षा सूत्र रहे। इन राखियों के माध्यम से बहनों ने सीमाओं पर तैनात सैनिकों के प्रति अपना सम्मान और अटूट स्नेह व्यक्त किया।
इस कार्यशाला का सफल संचालन आचार्या अन्नपूर्णा कुमारी एवं संगीता कुमारी के नेतृत्व में संपन्न हुआ। दोनों आचार्याओं ने बहनों को रक्षा सूत्र बनाने की तकनीकी विधि सिखाने के साथ-साथ इसके गहरे सांस्कृतिक महत्व से भी अवगत कराया। इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में फसिया डाकघर के पोस्टमास्टर सानिध्य शौर्य एवं बहड़ा टोली डाकघर के पोस्टमास्टर विकास कुमार उपस्थित रहे। अतिथियों ने बालिकाओं द्वारा बनाए गए रक्षा सूत्रों का बारीकी से निरीक्षण किया और उनकी कला की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
उत्कृष्ट राखी निर्माण के लिए प्रतियोगिता के विजेताओं की घोषणा भी की गई। इसमें अपनी अद्भुत कला का प्रदर्शन करते हुए कक्षा षष्ठ की प्रगति कुमारी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं कक्षा अष्टम की सौम्या कुमारी द्वितीय और इसी कक्षा की खुशी कुमारी तृतीय स्थान पर रहीं। अतिथियों ने इन बालिकाओं की प्रतिभा को सराहा।
विद्यालय के प्रधानाचार्य जितेंद्र तिवारी ने कार्यक्रम में उपस्थित होकर बहनों का हौसला बढ़ाया। बालिकाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि रक्षा सूत्र केवल सूत का एक धागा नहीं है बल्कि यह प्रेम, विश्वास, आत्मीयता और सुरक्षा का पावन प्रतीक है। उन्होंने विजेताओं सहित सभी बहनों को इस सफल आयोजन के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं