गुमला जिले में 10 नवंबर से होगा मॉक टेस्ट — बोर्ड परीक्षा की तैयारी को लेकर डीईओ ने जारी किए निर्देश, अभिभावकों से की अपील

गुमला – उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देश के आलोक में जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खलखो ने जिले के सभी सरकारी, अल्पसंख्यक तथा स्थापना-प्रस्वीकृति प्राप्त विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों सहित सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (BPO), प्रखंड संसाधन सेवी एवं क्लस्टर संसाधन सेवी को निर्देश दिया है कि आगामी 10 नवंबर से प्रारंभ होने वाले मॉक टेस्ट में विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों से अपील की है कि वे कक्षा 10वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों को इस मॉक टेस्ट में अनिवार्य रूप से शामिल करें, ताकि आगामी बोर्ड परीक्षा 2026 की तैयारी को और बेहतर बनाया जा सके।

डीईओ ने बताया कि मॉक टेस्ट के पारदर्शी एवं प्रभावी संचालन के लिए सभी विद्यालयों को सीटिंग प्लान तैयार करने, वीक्षक (इनविजिलेटर) की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने तथा सभी जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को दैनिक निगरानी (अनुश्रवण) रिपोर्ट जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

ज्ञात हो कि यह मॉक टेस्ट झारखंड अधिविद्य परिषद द्वारा आयोजित होने वाली आगामी बोर्ड परीक्षा 2026 की पूर्व तैयारी (पूर्वाभ्यास) के रूप में 10 से 12 नवंबर 2025 तक आयोजित किया जा रहा है।

डीईओ ने बताया कि सभी सरकारी विद्यालयों को प्रश्नपत्र की हार्ड कॉपी (प्रिंटआउट) उपलब्ध करा दी गई है, वहीं निजी एवं अल्पसंख्यक विद्यालयों को विद्यार्थियों की सुविधा के लिए सॉफ्ट कॉपी (डिजिटल प्रति) भेजी जा रही है, ताकि वे भी इस मॉक टेस्ट में सम्मिलित हो सकें।

मॉक टेस्ट की समाप्ति के बाद विद्यालय स्तर पर मूल्यांकन (जांच) और अंक तालिका (टैबुलेशन) तैयार कर 20 नवंबर 2025 तक परिणाम प्रकाशित करने का निर्देश दिया गया है।

इसके उपरांत सभी उच्च विद्यालयों एवं प्लस-टू विद्यालयों में गठित टास्क फोर्स समिति तथा अभिभावक-शिक्षक की संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने, कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर शिक्षकों की टैगिंग व्यवस्था, अधिक अनुपस्थित छात्रों की सूची तैयार करने एवं बोर्ड परीक्षा की प्रभावी रणनीति तय की जाएगी।

डीईओ ने यह भी बताया कि दिसंबर 2025 एवं जनवरी 2026 में मॉडल प्रश्नों और महत्वपूर्ण प्रश्नों के आधार पर विशेष रिवीजन क्लास और रीमेडियल शिक्षण कार्यक्रम चलाया जाएगा, जिसमें शिक्षकों की कोर टीम नेतृत्व करेगी, ताकि हर विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सके।