गिरिडीह से संथाल परगना तक भाजपा महिला मोर्चा की तैयारी तेज, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सीमा सिंह का 5 दिवसीय दौरा शुरू
गिरिडीह से संथाल परगना तक भाजपा महिला मोर्चा की बड़ी तैयारी! डॉ. सीमा सिंह के पांच दिवसीय संगठनात्मक दौरे से कार्यकर्ताओं में उत्साह
महिला सशक्तिकरण और संगठन विस्तार पर रहेगा फोकस, परिसदन में प्रदेश अध्यक्ष का भव्य स्वागत
गिरिडीह में भाजपा महिला मोर्चा ने संगठन को मजबूत करने की दिशा में अपनी सक्रियता तेज कर दी है। इसी कड़ी में बुधवार को गिरिडीह परिसदन भवन में भाजपा महिला मोर्चा, झारखंड की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सीमा सिंह का भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। संगठनात्मक प्रवास पर गिरिडीह पहुंचीं प्रदेश अध्यक्ष का महिला मोर्चा की पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। उनके आगमन से पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला।
डॉ. सीमा सिंह का यह पांच दिवसीय संगठनात्मक प्रवास राजनीतिक और संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान गिरिडीह से लेकर संथाल परगना के विभिन्न जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाने हैं। इन कार्यक्रमों के जरिए महिला मोर्चा की संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने, महिला कार्यकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाने और संगठन के विस्तार पर जोर रहेगा।
कार्यक्रम में भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष प्रो. विनीता कुमारी ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष का यह प्रवास संगठन को नई ऊर्जा और मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि डॉ. सीमा सिंह के नेतृत्व, अनुभव और मार्गदर्शन से झारखंड में महिला मोर्चा की गतिविधियां और अधिक प्रभावी होंगी। साथ ही महिला सशक्तिकरण और संगठन विस्तार के प्रयासों को भी बल मिलेगा।
इस अवसर पर भाजपा महानगर जिलाध्यक्ष रंजीत राय, ग्रामीण जिलाध्यक्ष महेंद्र वर्मा, प्रदेश मंत्री शालिनी वैश्यखियार, पूर्व जिलाध्यक्ष महादेव दुबे और महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष ऊषा कुमारी सहित कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें संगीता सेठ, बबली साव, सपना पासवान, अजय रंजन, ई. विनय सिंह, समीर दीप, खिरोधर दास, राजेश गुप्ता, गुड़िया देवी, संजू देवी, नीतू शोला और अमित आर्या समेत अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।
डॉ. सीमा सिंह का पांच दिवसीय संगठनात्मक दौरा भाजपा महिला मोर्चा के लिए संगठनात्मक मजबूती, महिला कार्यकर्ताओं की सक्रियता और आगामी गतिविधियों की रणनीति तैयार करने का अवसर माना जा रहा है। अब देखना होगा कि इस प्रवास के दौरान होने वाले कार्यक्रमों से जमीनी स्तर पर संगठन को कितनी मजबूती मिलती है।

