गिरिडीह: प्रमाणपत्रों के नाम पर 2,500 रुपये शुल्क लेने का आरोप, अभाविप ने डीएवी बीएड कॉलेज में किया विरोध

गिरिडीह। डीएवी बीएड कॉलेज में पासआउट विद्यार्थियों से मार्कशीट, प्रोविजनल, माइग्रेशन और टीसी प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने के नाम पर कथित रूप से 2,500 रुपये शुल्क लिए जाने की शिकायत के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज परिसर पहुंचकर विरोध दर्ज कराया।
प्रदेश एसएफएस सह संयोजक अनीश रॉय ने आरोप लगाया कि आवश्यक शैक्षणिक दस्तावेज उपलब्ध कराने के नाम पर विद्यार्थियों से अनावश्यक और कथित रूप से अवैध शुल्क की मांग की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार राशि वसूलना विद्यार्थियों के आर्थिक शोषण के समान है। परिषद ने शुल्क वसूली तत्काल बंद करने की मांग की।
कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य से वार्ता की मांग की। अभाविप के अनुसार, प्राचार्य के स्थान पर कॉलेज के दो कर्मचारियों को बातचीत के लिए भेजा गया, जिसके बाद कार्यकर्ताओं और कर्मचारियों के बीच तीखी बहस हो गई। कई घंटे तक स्थिति बनी रहने के बाद प्राचार्य एक महिला के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक विवाद और बहस होती रही।
परिषद ने कहा कि कॉलेज में विभिन्न प्रमाणपत्रों और दस्तावेजों के नाम पर शुल्क वसूली से संबंधित कई शिकायतें मिली हैं। कॉलेज प्रबंधन से सभी प्रकार के शुल्क का स्पष्ट विवरण सार्वजनिक करने और विद्यार्थियों से लिए जा रहे शुल्क की वैधता स्पष्ट करने की मांग की गई।
मौके पर नगर सह मंत्री अभिजीत सिन्हा, कॉलेज मंत्री क्रिस पासवान, जय सिंह, सौरव गुप्ता और शशांक कुमार मौजूद थे।