गिरिडीह: पपरवाटांड़ में धूमधाम से मां दुर्गा की विदाई, जयकारों के बीच नावाआहार तालाब में हुआ विसर्जन
गिरिडीह। सीसीएल क्षेत्र के पपरवाटांड़ में मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन श्रद्धा और उल्लास के साथ किया गया। पपरवाटांड़ सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति की ओर से पिछले कई वर्षों से मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जा रही है। इस वर्ष भी दुर्गापूजा के अवसर पर यहां भव्य पंडाल बनाया गया था। साथ ही मेले का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। विसर्जन के दौरान मुखिया शिवनाथ साव के द्वारा निःशुल्क पेय जल का वितरण किया गया।
मेला समाप्त होने के बाद मां दुर्गा की प्रतिमा को वाहन पर सवार कर विसर्जन यात्रा निकाली गई। पपरवाटांड़ से लगभग चार किलोमीटर की दूरी तय कर श्रद्धालु करहरबारी स्थित नावाआहार तालाब पहुंचे, जहां विधि-विधान के साथ मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया गया।
विसर्जन यात्रा में महिलाओं, युवतियों और पुरुषों समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। ढोल-नगाड़ों की गूंज और मां दुर्गा के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालु नाचते-गाते और जयकारे लगाते हुए मां को विदाई देने के लिए आगे बढ़ते रहे। विसर्जन के दौरान भक्तों में उत्साह के साथ मां से अगले वर्ष फिर आने की कामना भी देखने को मिली।
पपरवाटांड़ सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति की ओर से पिछले कई वर्षों से चली आ रही पूजा की परंपरा क्षेत्र की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बनी हुई है। हर वर्ष दुर्गापूजा के अवसर पर यहां भव्य आयोजन किया जाता है, जिसमें आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। मां दुर्गा की प्रतिमा के विसर्जन के साथ ही पूजा उत्सव का समापन हो गया।

