गिरिडीह में निर्माणाधीन डेयरी प्लांट का उपायुक्त ने किया निरीक्षण, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निर्माण का निर्देश
गिरिडीह। योगीटांड़ स्थित निर्माणाधीन डेयरी प्लांट का उपायुक्त रामनिवास यादव ने आज बुधवार को निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति, तकनीकी पहलुओं, प्रयोग की जा रही सामग्री तथा गुणवत्ता मानकों की जानकारी ली। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों व कार्यकारी एजेंसी के प्रतिनिधियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निर्माण कार्य सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने कहा कि प्लांट से जुड़ी सभी आधारभूत संरचना संबंधी व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित रूप से विकसित किया जाए। निर्माण कार्य के दौरान गुणवत्ता एवं तकनीकी मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करते हुए नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि दुग्ध क्षेत्र की आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और दुग्ध उत्पादकों को उनके उत्पाद का बेहतर बाजार उपलब्ध होगा।
उल्लेखनीय है कि जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) मद से वित्तीय वर्ष 2026-27 में गिरिडीह जिले में झारखंड मिल्क फेडरेशन (जेएमएफ) के माध्यम से दुग्ध संग्रहण, विधायन एवं विपणन गतिविधियों के सुदृढ़ीकरण हेतु कुल ₹3 करोड़ 45 लाख की परियोजना प्रस्तावित की गई है। इसका उद्देश्य जिले में दुग्ध संग्रहण एवं विपणन व्यवस्था को मजबूत बनाते हुए ग्रामीण दुग्ध उत्पादकों को बेहतर बाजार एवं उनके उत्पाद का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करना है।
झारखंड सरकार और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के बीच समझौते के तहत जेएमएफ द्वारा संस्थागत दुग्ध संग्रहण तथा मेधा दूध एवं दुग्ध उत्पादों के विपणन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी क्रम में एनडीडीबी के टर्नकी आधार पर जिले में प्रतिदिन 50 हजार लीटर क्षमता वाले डेयरी प्लांट की स्थापना की प्रक्रिया जारी है।
परियोजना पूर्ण होने पर ग्रामीण दुग्ध उत्पादकों को संगठित दुग्ध संग्रहण व्यवस्था से जोड़ने, दूध के सुरक्षित संग्रहण एवं विधायन की सुविधा देने तथा बेहतर बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
निरीक्षण के दौरान एनडीडीबी से के एस पटेल (डीजीएम), मेधा के महाप्रबंधक पवन मारवाहा, संबंधित विभागों के पदाधिकारी, कार्यकारी एजेंसी के प्रतिनिधि एवं परियोजना से जुड़े अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

