गिरिडीह कॉलेज में फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का तीसरा दिन, शिक्षा और AI पर विशेष चर्चा
गिरिडीह कॉलेज, गिरिडीह में फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत आयोजित छह दिवसीय कार्यशाला का आज तीसरा दिन था। यह कार्यशाला विनोबा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग तथा आईयूसीटीई, बी एच यू के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित है। चार सत्रों में आयोजित आज के कार्यक्रम में दो विषय विशेषज्ञ थे। प्रथम दो सत्रों के विषय विशेषज्ञ थे हैदराबाद विश्व विद्यालय के एडुकेशन डिपार्टमेंट के अध्यक्ष प्रोफेसर जे. वी.मधुसूदन और तीसरे सत्र की विषय विशेषज्ञ थीं आईयूसीटीई, बी एच यू की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कुशाग्री सिंह। चतुर्थ सत्र सेमिनार का था। प्रो. जे वी मधुसूदन ने भारतीय ज्ञान पद्धति और शिक्षण विषय पर बहुत ज्ञानवर्धक और रोचक व्याख्यान दिया। उन्होंने शिक्षण कार्य के लिए पारंपरिक क्लास रूम पद्धति और आधुनिक ऑनलाइन सिस्टम की सैद्धांतिकी और उसके व्यवहारिक पहलुओं पर प्रकाश डाला। प्रथम और द्वितीय सत्रों के विषय विशेषज्ञ के रूप में प्रो. मधुसूदन ने बातचीत के लहजे में यह बताया कि आज ऑनलाइन माध्यम से शिक्षण कार्य के महत्व को समझना होगा। साथ, ही यह भी कहा कि क्लास रूम शिक्षण में छात्र और शिक्षक एक दूसरे से ठीक से जुड़ पाते हैं और यह माध्यम कई मायने में बहुत ही सार्थक और उपयोगी है। सत्र समापन पर प्रो.बालेंदु शेखर त्रिपाठी ने प्रो.मधुसूदन के अध्ययन और व्याख्यान की शैली तथा स्पष्ट अवधारणा की तारीफ करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया। तीसरा सत्र ऑनलाइन माध्यम से चला। डॉ. कुशाग्री सिंह ने अध्ययन-अध्यापन में एआई के महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. बलभद्र ने किया तथा प्राचार्य डॉ. मृगेंद्र नारायण सिंह ने विषय विशेषज्ञ के साथ साथ प्रतिभाग कर रहे गिरिडीह जिला के कई कॉलेजों के शिक्षकों के साथ साथ गिरिडीह कॉलेज के शिक्षकों और शिक्षकेतरकर्मियों को भी धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में लंगटा बाबा कॉलेज, मिर्जागंज, आदर्श कॉलेज, राजधनवार, के एन बख्शी कॉलेज ऑफ एजुकेशन, स्कॉलर बी एड कॉलेज, सुभाष टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, पारसनाथ कॉलेज ईसरी बाजार, गिरिडीह कॉलेज, गिरिडीह के अनेक शिक्षक प्रतिभाग कर रहे हैं।

