गढ़वा में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा आयोजित, 41 केंद्रों पर 4500 विद्यार्थियों ने लिया भाग
गढ़वा : अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार द्वारा संचालित भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा शनिवार को पूरा गढ़वा जिले में आयोजित की गयी. जिले के सभी प्रखंडों को मिलाकर 4500 छात्र-छात्राओं ने भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में भाग लिया. परीक्षा के लिये सभी प्रखंडों को मिलाकर कुल 41 केंद्र बनाये गये थे. सभी केंद्रों पर भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा जिला समिति की ओर से वीक्षकों की नियुक्ति की गयी थी. वीक्षकों ने संबंधित विद्यालय के शिक्षकों के सहयोग से परीक्षा को पूरी तरह से पारदर्शिता के साथ संपन्न किया. विभिन्न केंद्रों पर जिला मुख्यालय की ओर से जिला संयोजक संजय कुमार सोनी, गायत्री परिवार के जिला समन्वयक विनोद पाठक एवं प्रो विवेकानंद उपाध्याय ने भ्रमण कर परीक्षा का निरीक्षण किया. जबकि परीक्षा प्रभारी सूरजमल चौधरी ने बीएसकेडी पब्लिक स्कूल गढ़वा स्थित परीक्षा नियंत्रक केंद्र से सभी केंद्रों की अद्यतन स्थिति पर नजर बनाये रखा. इस संबंध में जानकारी देते हुये जिला संयोजक संजय सोनी ने बताया कि इस वर्ष परीक्षा में जिले के करीब 70 विद्यालयों के विद्यार्थी शामिल हुये हैं. परीक्षा संपन्न कराने में गायत्री परिवार के लोगों के अलावे सभी विद्यालय के निदेशक, प्राचार्य एवं शिक्षकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है. उन्होंने विशेष रूप से सभी विद्यालय प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया. उन्होंने इस बात पर प्रसन्न्ता व्यक्त किया कि सभी केंद्रों पर विद्यार्थियों में परीक्षा को लेकर काफी उत्साह था. उन्होंने बताया कि परीक्षा के ओएमआर सीट को सभी केंद्रों से संग्रह कर जांच के लिये टाटा भेजा जा रहा है. वहां से जांच के पश्चात परीक्षाफल को देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार भेजा जायेगा, जहां से राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षाफल तैयार किया जायेगा. इसमें राष्ट्रीय स्तर, राज्य स्तर और जिलास्तर पर परीक्षार्थियों की मेधा सूची तैयार की जायेगी. राज्यस्तर पर और देशस्तर पर प्रथम, द्यितीय व तृतीय स्थान लानेवाले विद्यार्थियों को केंद्रीय स्तर पर पुरस्कृत और सम्मानित किया जायेगा. उन्होंने बताया कि परीक्षा में बैठनेवाले सभी परीक्षार्थियों को प्रशस्ति पत्र दिया जायेगा. साथ ही जिलास्तर पर भी प्रथम, द्यितीय और तृतीय स्थान लानेवाले विद्यार्थियों को अलग से प्रशस्ति पत्र और नगद राशि से पुरस्कृत किया जायेगा. उन्होंने बताया कि परीक्षा को लेकर जो पूरे जिले में वातावरण बना है, अगले साल 10 हजार से अधिक विद्यार्थियों को इसमें शामिल करने का लक्ष्य लिया गया है.

