गांधी और शास्त्री सादगी व ईमानदारी के प्रेरणा स्रोत : जीएन कान्वेंट स्कूल में मनाई गई जयंती
वर्तमान पीढ़ी के लिए गांधी और शास्त्री सादगी व ईमानदारी के प्रेरणा स्रोत हैं। स्थानीय जीएन कान्वेंट(10+2) स्कूल में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री जयंती के शुभ अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा एक आकर्षक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के निदेशक व शिक्षाविद मदन केशरी, प्राचार्य सीबी सिन्हा एवं उपप्राचार्य बसंत ठाकुर के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर एवं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। अपने संबोधन में निदेशक ने कहा कि महात्मा गांधी केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा स्रोत रहे हैं।हमें अपने जीवन में बापू के विचारों को उतार कर समाज में सत्य, निष्ठा और सद्भाव की भावनाओं का मजबूत करना चाहिए। बापू का जीवन स्वदेशी तथा आत्मनिर्भरता का संदेश देता है जो आज के समय में देश को नई दिशा देने वाला है। हमें उनके आदर्शों को अपने जीवन में शामिल करने की जरूरत है। बापू का सत्य, अहिंसा और सद्भाव का संदेश एक बेहतर समाज की ओर प्रेरित करता है।गांधी जी के विचारों एवं सिद्धांतों को अपनाते हुए हमें नैतिकता पर बल देने की आवश्यकता है। लाल बहादुर शास्त्री की सादगी,ईमानदारी एवं दृढ़ इच्छाशक्ति के प्रतीक थे। शास्त्री जी का जीवन संघर्ष और त्याग की एक जीवन गाथा है ।पंडित नेहरू के निधन के पश्चात जब देश एक नेतृत्व संकट से जूझ रहा था उस स्थिति में शास्त्री जी ने दूसरे प्रधानमंत्री के रूप में देश के बागडोर संभाली। बेशक उनका कार्यकाल भूले हुए छोटा रहा हो लेकिन उनकी उपलब्धियां हम सबों के लिए पथ प्रदर्शक रूप में सादगी भरी विरासत हमारे बीच अमर है। कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षक संतोष प्रसाद ,कृष्ण कुमार, वीरेंद्र शाह, मुकेश भारती,खुर्शीद आलम, विकास कुमार, दिनेश कुमार, नीरा शर्मा,सरिता दुबे, नीलम कुमारी, सुनीता कुमारी,रागिनी कुमारी, शिवानी कुमारी, चंदा कुमारी की उपस्थिति में हुआ। धन्यवाद ज्ञापन नीरा शर्मा ने की जबकि मंच संचालन बसंत ठाकुर ने की।

