फर्जी एमबी और मजदूरों की फर्जी हाजिरी से लाखों की निकासी, BDO ने दिए FIR के निर्देश

फर्जी एमबी और मजदूरों की फर्जी हाजिरी दिखा लाखों रुपये निकासी मामलों में बिडियो ने लिया संज्ञान

कहां जांच कराकर संयुक्त जनप्रतिनिधि और अधिकारियों के ऊपर कराई जाएगी एफआईआर

खबर का असर

मनातू से अनिल कुमार की रिपोर्ट

मनातू (पलामू )मनरेगा योजना में अनियमितता और भ्रष्टाचार से जुड़ी खबर सिटी न्यूज़ पलामू ने प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था।जो मनातू प्रखंड के नौडीहा पंचायत अंतर्गत कुसमाटांड गांव में वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत सिचाई कूप निर्माण कार्य में फर्जी मजदूरों की हाजिरी,फर्जी एमबी और बिना जानकारी के राशि निकासी का आरोप लाभुक ने लगाया था।प्राप्त जानकारी के अनुसार इनायत मियां के नाम पर स्वीकृत सिचाई कूप निर्माण कार्य जिसका वर्क कोड 2927447 में अनुमानित कार्य कराए बिना ही करीब 1 लाख 52 हजार 320 रूपये की मनरेगा राशि का भुगतान कर दिया गया।लाभुक का आरोप था कि गांव के ही मुनन अंसारी ने लाभुक को बिना जानकारी दिए बगैर पैसों का निकासी कर लिया था।जबकि कार्य अधूरा पड़ा हुआ था।लाभुक इनायत मियां ने बताया था कि सिचाई कूप का निर्माण कार्य कराने के लिए जिम्मेवारी मुनन अंसारी को दिया था।मुनन अंसारी ने कार्य शुरू कराने से पहले 12 हजार रूपये का भी मांग किया था।और लाभुक को कहा था कि अधिकारियों को पगड़ी देना पड़ता है।लाभुक ने मुनन अंसारी पर यह भी आरोप लगाया था कि पहले थोड़ा बहुत कार्य कराया।फिर लंबे समय तक काम बंद कर दिया था।बाद में दोबारा काम शुरू किया था तो 17 से 18 फीट तक सिचाई कूप का निर्माण कार्य कराया था।फिर काम को कराना बंद कर दिया था।मुनन अंसारी के द्वारा बोल दिया गया था कि योजना की राशि खत्म हो गया।और इनायत मियां का कहना था कि सिंचाई कूप निर्माण कार्य में कितने राशि के निकासी की गई है।और कब निकासी की गई है।लाभुक को कुछ जानकारी नहीं था। इनायत मियां सिर्फ अंतिम चरण में लाभुक से हस्ताक्षर कराया था।इतना ही नहीं वे स्वयं मजदूर के रूप में कार्य भी किया था।लेकिन उन्हें मुनन अंसारी के द्वारा मजदूरी का भी भुगतान नहीं दिया गया था।लाभुक ने प्रशासन से अधूरे कूप का निर्माण पूरा कराने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग किया था।लाभुक और कुछ ग्रामीणों का आरोप था कि वास्तविक कार्य की तुलना अधिक गहराई दर्शाते हुए फर्जी एमबी तैयार किया गया।जिसके आधार पर भुकतान कराया गया।मामले को संज्ञान लेते हुए मनातू प्रखंड विकास अधिकारी मदन कुमार सुमन ने जांच टीम का गठन किया है।और लाभुक इनायत मियां को विश्वास दिलाया है कि उन्हें न्याय जरूर मिलेगा।और फर्जी निकासी मामले में संलिप्त जनप्रतिनिधि एवं अधिकारियों के ऊपर जांच करा कर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।