“एक भारत श्रेष्ठ भारत: रांची में सांस्कृतिक संध्या में झारखंड और गोवा की लोक विरासत का संगम”
पूर्व क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार पर्यटन, कला, संस्कृति, खेल एवं युवा मामले विभाग, झारखंड सरकार के सहयोग से 8 सितंबर 2025 को शाम 5 बजे राज्य संग्रहालय सभागार, खेलगाँव, होटवार, रांची, झारखंड में एक सांस्कृतिक संध्या – “एक भारत श्रेष्ठ भारत” का आयोजन करने जा रहा है। यह कार्यक्रम भारत की स्वतंत्रता के नायकों के अमूल्य योगदान को दर्ज करने और हमारे लोक एवं शास्त्रीय कलाकारों द्वारा विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान और समझ को बढ़ावा देने के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण है। संगठन है, जिसमें असम,
पूर्व क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (ईजेडसीसी) संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन एक स्वायत बिहार, झारखंड, मणिपुर, ओडिशा, सिक्किम, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह सम्मिलित हैं। पूर्व क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (ईजेडसीसी) सरकार की ओर से पूर्वी भारत के लोक, शास्त्रीय और पारंपरिक कलाकारों और कारीगरों को स्थानीय रचनात्मक सहयोग प्रदान करने के प्रयासों का प्रतिनिधित्व करता है। बनाना है ।कलाओं को संरक्षित और सुदृढ़ इसका उद्देश्य इस क्षेत्र की लुप्त होती लोक, जनजातीय और शास्त्रीय एक भारत श्रेष्ठ भारत (ईबीएसबी) भारत में एक सरकारी पहल है जिसका उद्देश्य विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान और समझ को बढ़ावा देना है। यह कार्यक्रम राज्यों को अपनी विरासत, संस्कृति साझा करने के लिए एक साथ लाता है।और एक भारत श्रेष्ठ भारत की घोषणा माननीय प्रधानमंत्री ने 31 अक्टूबर, 2015 को सरदार वल्लभभाई पटेल की 140जयंती के अवसर पर की थी। इस अभिनव पहल के माध्यम से, विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की संस्कृति, परंपराओं और प्रथाओं के ज्ञान से राज्यों के बीच बेहतर समझ और जुड़ाव बढ़ेगा, जिससे भारत की एकता और अखंडता
सर्वोत्तम प्रथाओं को मजबूत होगी। एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम का उद्देश्य भारत के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में रहने वाले विविध संस्कृतियों के लोगों के बीच सक्रिय रूप से संपर्क बढ़ाना है, ताकि उनके बीच आपसी समझ को बढ़ावा दिया जा सके। इस कार्यक्रम के अनुसार, प्रत्येक वर्ष, प्रत्येक राज्य/केंद्र शासित प्रदेश को भारत के किसी अन्य राज्य / केंद्र शासित प्रदेश के साथ जोड़ा जाएगा ताकि लोगों के बीच पारस्परिक संपर्क हो सके। इस आदान-प्रदान के माध्यम से, विभिन्न राज्यों की भाषा, संस्कृति, परंपराओं और प्रथाओं के ज्ञान से एक-दूसरे के बीच बेहतर समझ और जुड़ाव बढ़ेगा, जिससे भारत की एकता और अखंडता मजबूत होगी ।
इस तरह, गोवा और झारखंड को ईबीएसबी कार्यक्रम के तहत एक साथ जोड़ा गया है। इस कार्यक्रम में गोवा का देखन नृत्य और समाई नृत्य तथा झारखंड का सरायकेला छऊ, झुमुर, कोडसा, डोमकच नृत्य एवं शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुति मुख्य आकर्षण होगी। दोनों राज्यों की हस्तशिल्प वस्तुएं भी इस कार्यक्रम में प्रदर्शित की जाएंगी। कुल 80 कलाकार / कारीगर भाग लेंगे। इसका अर्थ है कि ये राज्य पारस्परिक समझ और संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए सांस्कृतिक उत्सवों और ज्ञान साझा करने जैसी गतिविधियों में भाग लेंगे।पश्चिम बंगाल के माननीय राज्यपाल एवं ईजेडसीसी के अध्यक्ष तथा झारखंड के माननीय राज्यपाल ने भी 8 सितंबर 2025 को शाम 5 बजे राज्य संग्रहालय सभागार, खेलगाँव, होटवार, रांची, झारखंड के कार्यक्रम में उपस्थिती हेतु अपनी सहमति दे दी है। इसका उद्देश्य भारत की विविधता का जश्न मनाना और लोगों के बीच संपर्क और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देकर राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना है। इस कार्यक्रम के माध्यम से, भारतीय संस्कृति की जड़ों की खोज की जाएगी और दोनों राज्यों के कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक मंच प्रदान किया जाएगा।

