एच-1 बी वीज़ा फीस पर केन्द्र की भाजपा सरकार की चुप्पीकेन्द्र सरकार ने भारतीय युवाओं के सपनों पर पानी फेर दी : निसार खान

हजारीबाग : जिला कांग्रेस कमिटी के मीडिया अध्यक्ष निसार खान ने अमेरिका में एच-1 बी वीज़ा फीस को लगभग 88 लाख रुपये तक बढ़ाए जाने पर केन्द्र सरकार का मौन रहने की कड़े शब्दों मे निन्दा की है । उन्होंने कहा कि यह फैसला सीधे-सीधे भारतीय आईटी सेक्टर और लाखों प्रोफेशनल्स के भविष्य पर संकट का ताला लगाने जैसा है । खान ने कहा कि मोदी सरकार विदेशी दौरों और इवेंट मैनेजमेंट में व्यस्त है, लेकिन भारतीय युवाओं और प्रोफेशनल्स के हितों की रक्षा करने में पूरी तरह विफल रही है । उन्होंने कहा कि पहले जहाँ तीन साल की वीज़ा फीस केवल 5,000 डॉलर थी, वहीं अब यह बढ़ाकर 1,00,000 डॉलर कर दी गई है । हर साल लगभग तीन लाख भारतीय एच-1 बी वीज़ा पर अमेरिका जाते हैं, जिनमें से 70% से अधिक भारतीय ही होते हैं। ऐसे में इसका सबसे बड़ा नुकसान भारत को ही उठाना पड़ेगा । उन्होंने ने कहा कि भाजपा सरकार दावा करती है कि भारत-अमेरिका रिश्ते बेहतर हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि इन रिश्तों का लाभ कभी भी भारतीय छात्रों, प्रोफेशनल्स और आम नागरिकों तक नहीं पहुँचता । जब असली चुनौती सामने आती है तो मोदी की सरकार समझौते और चुप्पी साध लेती है । खान ने कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि यह भाजपा की संवेदनहीनता और कूटनीतिक विफलता का जीता-जागता सबूत है । आईटी सेक्टर और भारतीय अर्थव्यवस्था पर गहरा संकट मंडरा रहा है । केवल पूंजीपतियों के हित में काम करने वाली भाजपा की सरकार साधारण मेहनतकश युवाओं की आवाज सुनने को तैयार नही । उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पहले ही इस खतरे को लेकर सरकार को चेताया था, लेकिन हमेशा की तरह प्रधानमंत्री मोदी जी के द्वारा उनकी बातों को नज़रअंदाज़ कर दिया गया ।

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