ड्यूटी निभाते-निभाते दुनिया छोड़ गईं शिक्षिका उर्सेला केरकेट्टा

ड्यूटी निभाते-निभाते दुनिया छोड़ गईं शिक्षिका उर्सेला केरकेट्टा

लंबे समय से बीमारी से थीं परेशान, विद्यालय में ही ली अंतिम सांस; शिक्षकों, विद्यार्थियों और ग्रामीणों में गहरा शोक

महुआडांड़। क्षेत्र के लिए मंगलवार का दिन बेहद दुखद और भावुक कर देने वाला रहा। औराटोली की शिक्षिका उर्सेला केरकेट्टा का लंबे समय से बीमारी से जूझने के बाद निधन हो गया। बताया जा रहा है कि वह अपनी खराब तबीयत के बावजूद मंगलवार को विद्यालय पहुंचीं और करीब दोपहर 2 बजे तक अपनी ड्यूटी निभाने के बाद विद्यालय में ही अंतिम सांस ले लीं। उनके आकस्मिक निधन की खबर मिलते ही विद्यालय परिवार सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

बीमारी के बावजूद निभाती रहीं अपना फर्ज

बताया गया कि उर्सेला केरकेट्टा पिछले काफी समय से बीमार चल रही थीं। स्वास्थ्य ठीक नहीं रहने के बावजूद वह अपने कर्तव्य के प्रति लगातार समर्पित रहीं। मंगलवार को भी वह विद्यालय पहुंचीं और बच्चों की शिक्षा से जुड़ी अपनी जिम्मेदारियों को निभाया। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उनका अंतिम कार्यदिवस होगा।
दोपहर करीब 2 बजे विद्यालय में ही अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और उनका निधन हो गया। घटना के बाद विद्यालय परिसर का माहौल गमगीन हो गया। विद्यार्थियों के बीच मातम छा गया।

शिक्षा के प्रति समर्पण को किया याद

उर्सेला केरकेट्टा के निधन पर स्थानीय लोगों और विद्यालय परिवार ने गहरा दुख व्यक्त किया। लोगों ने कहा कि उन्होंने लंबे समय तक पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ बच्चों को शिक्षा देने का कार्य किया। बीमारी के दौरान भी अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटना उनके समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा को दर्शाता है।उनके निधन को शिक्षा जगत के साथ-साथ पूरे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

उर्सेला केरकेट्टा के निधन की खबर से उनके परिवार में भी गहरा मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। क्षेत्रवासियों ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए इस कठिन समय में उन्हें धैर्य और शक्ति प्रदान करने की कामना की।