डीएवी सीसीएल गिरिडीह में जिला युवा एवं विद्यालय शिखर सम्मेलन आयोजित
डीएवी सीसीएल गिरिडीह में जिला युवा एवं विद्यालय शिखर सम्मेलन आयोजित
गिरिडीह। डीएवी पब्लिक स्कूल, सीसीएल गिरिडीह की अटल प्रयोगशाला में विशेष ओलंपिक्स भारत, झारखंड की गिरिडीह जिला इकाई के तत्वावधान में जिला युवा एवं विद्यालय शिखर सम्मेलन एवं युवा सक्रियता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य “एकजुट हों, प्रेरित करें और नेतृत्व करें” के संदेश के साथ युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करना तथा विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के प्रति संवेदनशीलता, समानता और समावेशन की भावना को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम में कक्षा 10वीं, 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों समेत करीब 100 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। कार्यक्रम प्रभारी शुभम कुमार झा ने विद्यार्थियों को विशेष ओलंपिक्स भारत की विभिन्न गतिविधियों एवं विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को केवल खेल के क्षेत्र तक सीमित न रखकर शिक्षा, कला, संस्कृति, नेतृत्व सहित अन्य क्षेत्रों में भी प्रतिभा प्रदर्शित करने के समान अवसर मिलना चाहिए।
इस दौरान विद्यालय के कक्षा 12वीं के छात्र प्रतीक की उपलब्धि का विशेष उल्लेख किया गया। प्रतीक ने हिमाचल प्रदेश में आयोजित विशेष ओलंपिक्स भारत के राष्ट्रीय युवा नेतृत्व शिखर सम्मेलन में भाग लेकर विद्यालय का प्रतिनिधित्व किया था। उनकी उल्लेखनीय सहभागिता के लिए उन्हें सम्मानित कर प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया।
विद्यालय के प्राचार्य आर. पी. गोयल ने शुभम कुमार झा के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को समान अवसर, सम्मान और प्रोत्साहन मिलना चाहिए, ताकि वे अपनी प्रतिभा को पहचानकर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें।
उन्होंने कहा कि समावेशी समाज का निर्माण तभी संभव है, जब प्रत्येक बच्चे को उसकी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर मिले। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में मानवीय संवेदना, सहयोग, समानता और नेतृत्व की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को समावेशन, समानता, संवेदनशीलता और युवा नेतृत्व का संदेश दिया गया। आयोजन ने इस विचार को मजबूती दी कि प्रत्येक बच्चे में विशेष प्रतिभा होती है और सामूहिक प्रयासों से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उन्हें अपनी क्षमताओं को प्रदर्शित करने के पर्याप्त अवसर दिए जा सकते हैं।

