छठ-दिवाली पर झारखंड लौटना महंगा, हवाई किराया तीन गुना बढ़ा; ट्रेनों में लंबी वेटिंग

छठ और दीपावली के त्योहारी सीजन में झारखंड घर लौटने और त्योहार के बाद वापस जाने दोनों ही यात्रियों के लिए मुश्किल बढ़ गई है। रांची आने वाली उड़ानों का किराया सामान्य दिनों की तुलना में ढाई से तीन गुना तक बढ़ गया है, वहीं नियमित ट्रेनों में लंबी वेटिंग और रिग्रेट की स्थिति बनी हुई है।
भुवनेश्वर-रांची रूट पर हवाई किराये में सबसे बड़ा उछाल देखा जा रहा है। सामान्य दिनों में 4,533 रुपए का टिकट छह नवंबर को 25,665 रुपए तक पहुंच गया है। मुंबई से रांची का किराया 8,484 रुपए से बढ़कर 22,730 रुपए हो गया है। अहमदाबाद से आने का टिकट 7,822 रुपए से बढ़कर 21,734 रुपए और हैदराबाद से 6,619 रुपए से बढ़कर 18,052 रुपए का मिल रहा है। दिल्ली से रांची का किराया 7,314 रुपए से बढ़कर 15,349 रुपए तक पहुंच गया है। बेंगलुरु और चेन्नई से आने के लिए भी 15 से 18 हजार रुपए तक खर्च करने पड़ रहे हैं। मांग और उपलब्ध सीटों के आधार पर किराया बढ़ने की व्यवस्था इसका प्रमुख कारण है।
रेल यात्रियों को भी कन्फर्म सीट मिलने में परेशानी हो रही है। रांची-नई दिल्ली गरीब रथ एक्सप्रेस में छह नवंबर को वेटिंग 137 है। हटिया-पूर्णियाकोर्ट, हटिया-इस्लामपुर, रांची-गोरखपुर, हटिया-पटना पाटलिपुत्र और राउरकेला-जयनगर एक्सप्रेस में भी स्लीपर व थ्रीए में लंबी वेटिंग या रिग्रेट की स्थिति है।
नियमित ट्रेनों में सीटों की कमी के बीच स्पेशल ट्रेनों में राहत है। रांची-शालीमार स्पेशल में स्लीपर, थ्रीए और टूए की सीटें उपलब्ध हैं। रांची-अजमेर, रांची-अलीपुरद्वार, हटिया-बेंगलुरु और रांची-आनंद विहार स्पेशल में भी कई रूटों पर सीटें खाली हैं। ऐसे में यात्रियों के लिए स्पेशल ट्रेनें बेहतर विकल्प बनी हुई हैं।