चाईबासा में गौशाला एवं गौ रेस्क्यू सेंटर की स्थापना की मांग

चाईबासा में गौशाला एवं गौ रेस्क्यू सेंटर की स्थापना की मांग

समाजसेवियों ने उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन, करीब एक एकड़ भूमि उपलब्ध कराने की अपील

चाईबासा, 31 अगस्त। चाईबासा में बीमार, घायल, बेसहारा एवं सड़क दुर्घटनाओं में घायल गौवंशीय पशुओं के उपचार, रेस्क्यू और संरक्षण के लिए स्थायी गौशाला एवं गौ रेस्क्यू सेंटर स्थापित करने की मांग को लेकर सोमवार को समाजसेवी दुवारिका शर्मा एवं समीर पाल ने उपायुक्त कार्यालय में ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन के माध्यम से बताया गया कि चाईबासा एवं आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में गौवंशीय पशु सड़क पर बेसहारा घूमते हैं। इनमें कई पशु बीमारी, चोट अथवा सड़क दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। समय पर उपचार और सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है।

समाजसेवियों ने कहा कि तस्करी से मुक्त कराए गए अथवा प्रशासन द्वारा जब्त किए गए गौवंशीय पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए भी स्थायी व्यवस्था की आवश्यकता है। उन्होंने जिला प्रशासन से चाईबासा अथवा आसपास के उपयुक्त क्षेत्र में करीब एक एकड़ भूमि गौशाला एवं गौ रेस्क्यू सेंटर की स्थापना के लिए उपलब्ध कराने की मांग की।

दुवारिका शर्मा ने कहा कि भूमि उपलब्ध होने पर समाजसेवियों एवं गौसेवकों के सहयोग से केंद्र को व्यवस्थित रूप से संचालित करने का प्रयास किया जाएगा। यहां बीमार एवं घायल गौवंशीय पशुओं के रेस्क्यू, उपचार, भोजन, पानी और संरक्षण की व्यवस्था की जाएगी।

वहीं समीर पाल ने कहा कि स्थायी गौशाला एवं रेस्क्यू सेंटर बनने से बेसहारा और घायल पशुओं को सुरक्षित आश्रय मिलेगा। साथ ही सड़कों पर आवारा पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को कम करने में भी मदद मिल सकती है।

दोनों समाजसेवियों ने जिला प्रशासन से जनहित एवं पशु कल्याण से जुड़े इस प्रस्ताव पर सकारात्मक और शीघ्र पहल करने की अपील की है।