बरवाडीह के खुरा गांव में आंगनबाड़ी व्यवस्था बदहाल, ग्रामीणों ने उठाए सवाल
बरवाडीह प्रखंड के खुरा गांव से यह एक बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है। सरकार बच्चों और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण के लिए आंगनबाड़ी केंद्र चलाती है। नियमानुसार इन केंद्रों को दोपहर तक खुला रहना चाहिए, ताकि बच्चों को सही समय पर पौष्टिक आहार और शिक्षा मिल सके। सुबह 10 बजे से पहले ही केंद्र का बंद हो जाना नियमों का सीधा उल्लंघन है।
यह स्थिति गांव के बच्चों के भविष्य और उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। यह नजारा है बरवाडीह प्रखंड के खुरा गांव का। यहाँ के छोटे-छोटे बच्चे सुबह-सुबह तैयार होकर आंगनवाड़ी आते हैं। उन्हें उम्मीद होती है कि यहाँ पढ़ाई होगी और पौष्टिक खाना मिलेगा। लेकिन यहाँ उन्हें सिर्फ बंद दरवाजा और ताला मिलता है। ग्रामीणों का आरोप है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका अपनी मर्जी से केंद्र खोलती हैं। कई-कई दिनों तक केंद्र बंद रहता है। केवल टिकाकरण के दिन खुला रहता है। इसकी वजह से बच्चों को मिलने वाला सरकारी राशन और पोषण पूरी तरह रुक गया है। यह ग्रामीणों का अधिकार है कि वे केंद्र को समय पर खुलवाएं। प्रशासन को इस पर तुरंत संज्ञान लेकर संबंधित सेविका और सहायिका पर कार्रवाई करनी चाहिए।

