बेरोजगार संघर्ष मोर्चा ने मनाई संत तुलसीदास की जयंती, रामचरितमानस के योगदान को किया याद

बेरोजगार संघर्ष मोर्चा ने मनाई संत तुलसीदास की जयंती, रामचरितमानस के योगदान को किया याद

मेदिनीनगर। बेरोजगार संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में महान कवि एवं रामचरितमानस के रचयिता संत तुलसीदास की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता मोर्चा अध्यक्ष उदय राम ने की। कार्यक्रम की शुरुआत संत तुलसीदास के चित्र पर माल्यार्पण कर की गई।

इस अवसर पर मोर्चा अध्यक्ष उदय राम ने कहा कि रामचरितमानस तुलसीदास की अमर कृति है, जो आज भी भारतीय समाज के लिए प्रासंगिक और मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि इसमें माता-पिता, भाई, पुत्र सहित विभिन्न पारिवारिक एवं सामाजिक रिश्तों के आदर्श संबंधों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है।

उदय राम ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि द्वारा संस्कृत में रचित रामायण आम लोगों की पहुंच से काफी हद तक दूर थी। ऐसे समय में संत तुलसीदास ने सरल और जनभाषा में रामचरितमानस की रचना कर इसे आम जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया।

मोर्चा नेता संजय मिस्त्री ने कहा कि तुलसीदास की रचनाओं ने समाज का मार्गदर्शन करने के साथ-साथ लोगों को जीवन मूल्यों और आदर्शों की सीख दी है। उनकी रचनाएं आज भी समाज को सकारात्मक दिशा देने का काम कर रही हैं।

कार्यक्रम में प्रदुमन तिवारी, श्याम पाठक, विवेक कुमार, विकास कुमार, कृष्णा राम, जयपाल मोची सहित कई लोग उपस्थित रहे।