बेरोजगार संघर्ष मोर्चा ने मनाई आचार्य विनोबा भावे की 131वीं जयंती, आदर्शों को अपनाने का आह्वान

बेरोजगार संघर्ष मोर्चा ने कचहरी परिसर में भारत रत्न आचार्य विनोबा भाव भावे की 131 जयंती मनाई गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मोर्चा अध्यक्ष उदय राम ने की संचालन संजय कुमार ने किया सर्वप्रथम विनोबा भावे के तस्वीर पर फूल माला चढ़कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई मोर्चा अध्यक्ष उदय राम ने कहा कि आचार्य विनोबा भावे अहिंसा के पुजारी थे भारतीय स्वतंत्रता सेनानी महान चिंतक सामाजिक कार्यकर्ता तथा प्रसिद्ध गांधीवादी नेता थे 11 सितंबर 1895 को जन्मे विनोबा भावे सर्वोदय आंदोलन एवं गोदान आंदोलन के प्रणेता के रूप में सुपरिचित विनोबा भावे ने सर्वोदय समाज के स्थापना की।
इसका मुख्य उद्देश्य अहिंसक तरीके से देश में सामाजिक परिवर्तन लाना था इस कार्यक्रम में वह खुद पद यात्री बने गांव-गांव में घूम कर भूखंड दान करने के अपील की विनोबा भावे ने चम्बल के डाकू से आत्म समर्पण करने के लिए प्रेरित किया सामुदायिक नेतृत्व के लिए अंतराष्ट्रीय रमनड मैग्सेसे पुरस्कार मिला था 1983 में मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया विनोबा भावे को भारत का राष्ट्रीय अध्यापक और महात्मा गांधी का आध्यात्मिक उत्तराधिकारी समझा जाता है मोर्चा अध्यक्ष ने उपस्थित लोगों से कहा कि विनोबा भावे के आदर्शों को अपनाने से ही देश का सर्वानिंग विकास एवम हिंसा मुक्त समाज का निर्माण हो सकता है। इस अवसर पर कृष्णा राम सूरज कुमार विकास कुमार संजय मिस्त्री जय पाल मोची अनिल राम सूरजमल राम ने अपने अपने विचार व्यक्त किए।