अन्नपूर्णा देवी जी की पहल पर जल शक्ति मंत्रालय ने भालपहाड़ी परियोजना पर बढ़ाई कार्रवाई
कोडरमा लोकसभा क्षेत्र एवम गिरिडीह जिला के गांडेय विधानसभा अंतर्गत पड़ने वाले भालपहाड़ी बाँध परियोजना को मिली नई गति — अन्नपूर्णा देवी जी के हस्तक्षेप से केंद्र सरकार हुई सक्रिय
झारखंड राज्य की वर्षों पुरानी और बहुप्रतीक्षित भालपहाड़ी बाँध परियोजना को लेकर अब एक नई उम्मीद जगी है। कोडरमा लोकसभा क्षेत्र के गांडेय विधानसभा अंतर्गत आने वाले धनबाद, गिरिडीह और जामताड़ा जिलों की जीवनरेखा कही जाने वाली इस परियोजना के शीघ्र निर्माण की दिशा में केंद्र सरकार के स्तर पर सकारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।
इस पहल के केंद्र में हैं भारत सरकार की माननीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी जी, जो कोडरमा लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं। उन्होंने इस महत्वपूर्ण परियोजना को लेकर व्यक्तिगत रुचि दिखाते हुए इसे जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल के समक्ष रखा।
दरअसल, गिरिडीह जिले के समाजसेवी एवं भाजपा कोषाध्यक्ष श्री मुकेश कुमार जालान ने इस परियोजना के महत्व और झारखंड के विकास में इसके योगदान को रेखांकित करते हुए माननीय श्रीमती अन्नपूर्णा देवी जी को पत्र लिखा था। उन्होंने आग्रह किया था कि भालपहाड़ी बाँध परियोजना को केंद्र सरकार की प्राथमिकता में लाकर शीघ्र स्वीकृति दी जाए।
श्रीमती अन्नपूर्णा देवी जी ने इस विषय को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए दिनांक 10 सितम्बर 2025 को माननीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल जी को पत्र लिखकर इस परियोजना के शीघ्र निर्माण हेतु आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया। अपने पत्र में उन्होंने स्पष्ट रूप से उल्लेख किया कि —
“भालपहाड़ी बाँध परियोजना झारखंड के धनबाद, गिरिडीह और जामताड़ा जिलों की जीवनरेखा है। इस परियोजना से लगभग 55,344 हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई, लाखों लोगों को पेयजल सुविधा, तथा क्षेत्रीय उद्योगों को जल आपूर्ति संभव होगी। इससे न केवल कृषि और उद्योगों को बल मिलेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। यह परियोजना 1984-85 से लंबित है और जनहित में इसके शीघ्र निर्माण की आवश्यकता है।”
माननीय अन्नपूर्णा देवी जी के इस हस्तक्षेप के बाद, जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल जी ने दिनांक 30 अक्टूबर 2025 को औपचारिक रूप से पत्र जारी करते हुए उत्तर दिया कि जल संसाधन परियोजनाओं की योजना और रखरखाव राज्य सरकार के अधीन होता है, जबकि केंद्र सरकार तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
उन्होंने बताया कि दमोदर घाटी निगम (DVC) द्वारा भालपहाड़ी बाँध परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है, जिसमें जलाशय सिमुलेशन अध्ययन भी शामिल है। यह रिपोर्ट प्राप्त होते ही केंद्रीय जल आयोग द्वारा इसका तकनीकी और आर्थिक मूल्यांकन किया जाएगा।
श्री पाटिल ने यह भी कहा कि आवश्यकता होने पर यह विषय झारखंड, पश्चिम बंगाल और DVC के साथ समन्वय स्थापित कर आगे बढ़ाया जा सकता है, जिससे परियोजना के कार्यान्वयन में तेजी लाई जा सके।
इस पूरी प्रक्रिया की शुरुआत गिरिडीह जिले के समाजसेवी श्री मुकेश कुमार जालान की पहल से हुई, जिन्होंने स्थानीय जनता की दशकों पुरानी मांग को केंद्र तक पहुँचाया। वहीं, श्रीमती अन्नपूर्णा देवी जी ने न केवल इस मुद्दे को गंभीरता से लिया, बल्कि अपनी सक्रिय भूमिका के माध्यम से इसे जल शक्ति मंत्रालय के सर्वोच्च स्तर तक पहुँचाया।
अब जब जल शक्ति मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि परियोजना की DPR तैयार हो रही है और मूल्यांकन की प्रक्रिया शीघ्र आरंभ होगी, तो इससे उम्मीद की जा रही है कि निर्माण कार्य भी जल्द शुरू होगा।
इस परियोजना के निर्माण से झारखंड के तीन प्रमुख जिलों—धनबाद, गिरिडीह और जामताड़ा—के लगभग चार लाख लोगों को स्वच्छ पेयजल, सिंचाई, औद्योगिक विकास, बिजली और रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक जीवन में इसका गहरा प्रभाव देखने को मिलेगा।
झारखंड के विकास की दृष्टि से यह पहल न केवल एक प्रशासनिक उपलब्धि है, बल्कि जनता की लंबे समय से चली आ रही आकांक्षा की पूर्ति की दिशा में एक बड़ा कदम भी है।

