भाजपा की पदयात्रा पर कांग्रेस का पलटवार, ऋषिकेश मिश्रा ने पूछा विकास का हिसाब

गिरिडीह। भाजपा द्वारा गिरिडीह में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ के नारे के साथ निकाली गई पदयात्रा पर कांग्रेस ने तीखा पलटवार किया है। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रदेश सचिव एवं इंटक के राष्ट्रीय सचिव ऋषिकेश मिश्रा ने कहा कि भाजपा नेताओं को लोकतंत्र की चिंता जताने से पहले अपने शासनकाल के कार्यों और देश की वर्तमान परिस्थितियों पर आत्ममंथन करना चाहिए।
श्री मिश्रा ने कहा कि जो पार्टी केंद्र में वर्षों से सत्ता में है, उसे जनता को बताना चाहिए कि महंगाई, बेरोजगारी, आर्थिक असमानता, किसानों और मजदूरों की समस्याओं तथा संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब क्या है। उनका आरोप है कि अर्थव्यवस्था और आम आदमी की कठिनाइयों पर गंभीर चर्चा करने के बजाय नारों और राजनीतिक यात्राओं के माध्यम से जनता का ध्यान मूल मुद्दों से भटकाने का प्रयास किया जा रहा है।
ऋषिकेश मिश्रा ने कहा कि लोकतंत्र केवल राजनीतिक नारों से सुरक्षित नहीं रहता, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता, संवैधानिक अधिकारों की रक्षा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता से मजबूत होता है। SIR जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों का जवाब तथ्यों और संवैधानिक प्रक्रिया के आधार पर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सवाल पूछना विपक्ष का अधिकार है, जिसे झूठ और भ्रम का नाम देकर खारिज करना लोकतांत्रिक भावना के विपरीत है।
कांग्रेस नेता ने पूछा कि गिरिडीह और कोडरमा लोकसभा क्षेत्रों की जनता पिछले लगभग तीन दशकों से भाजपा के सांसदों को चुनती आई है, लेकिन इन क्षेत्रों में कितने बड़े उद्योग स्थापित हुए, युवाओं को कितने स्थायी रोजगार मिले और पलायन रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए। उन्होंने किसानों, मजदूरों और विस्थापित परिवारों की समस्याओं के समाधान का भी हिसाब मांगा।
ऋषिकेश मिश्रा ने कहा कि भाजपा को पदयात्रा निकालने का अधिकार है, परंतु लोकतंत्र जनता के प्रति जवाबदेही से चलता है, शक्ति प्रदर्शन से नहीं। उन्होंने कहा कि जनता को केवल चुनावी वादे और भाषण नहीं, बल्कि विकास का ठोस रिपोर्ट कार्ड चाहिए। कांग्रेस लोकतंत्र, संविधान और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी।