गुमला में एकलव्य विद्यालयों के लंबित कार्य नवंबर तक पूरा करने का निर्देश, गुणवत्ता से समझौता नहीं

एकलव्य विद्यालयों के लंबित कार्य नवंबर के प्रथम सप्ताह तक पूरे करने का निर्देश

डुमरी विद्यालय में जलापूर्ति व्यवस्था दुरुस्त होने तक हैंडओवर और उद्घाटन पर रोक, निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं करने की हिदायत

गुमला। उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित योजनाओं और विभिन्न निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों एवं संबंधित कार्य एजेंसियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। समाहरणालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में छात्रवृत्ति, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन), साइकिल योजना सहित विभिन्न निर्माण एवं मरम्मति कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की गई।

बैठक में गुमला, सिसई, भरनो और डुमरी स्थित नवनिर्मित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के भवन निर्माण, संचालन तथा शेष लंबित कार्यों की स्थिति की जानकारी ली गई। निर्माण कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं होने और कुछ कार्यों में त्रुटियां सामने आने पर उपायुक्त ने संबंधित एजेंसी एवं कार्यदायी संस्था के प्रति नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी लंबित कार्यों में तेजी लाई जाए तथा निर्माण निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए।

डुमरी एकलव्य विद्यालय में जलापूर्ति को लेकर सख्त निर्देश

डुमरी स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में पेयजल एवं बोरिंग की व्यवस्था को लेकर उपायुक्त ने विशेष गंभीरता दिखाई। उन्होंने कहा कि विद्यालय परिसर में पर्याप्त और स्थायी जलापूर्ति की व्यवस्था होना आवश्यक है। इसके लिए संबंधित एजेंसी, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग तथा स्थानीय प्रशासन को आपसी समन्वय से समस्या का शीघ्र समाधान करने का निर्देश दिया।

उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जलापूर्ति सहित विद्यालय की सभी आवश्यक आधारभूत सुविधाएं पूरी होने के बाद ही विद्यालय का हस्तांतरण किया जाएगा। जलापूर्ति की समस्या का समाधान किए बिना विद्यालय का उद्घाटन नहीं होगा। उन्होंने छात्रावास समेत अन्य लंबित कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा।

बैठक में बताया गया कि डुमरी एकलव्य विद्यालय में जलापूर्ति की समस्या के समाधान के लिए पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा सहयोग किया जा रहा है। इसके बावजूद अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर उपायुक्त ने संबंधित एजेंसी को कार्य में तेजी लाने की हिदायत दी।

नवंबर के प्रथम सप्ताह तक सभी लंबित कार्य पूरे करने का निर्देश

उपायुक्त ने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों से संबंधित सभी लंबित निर्माण कार्यों को नवंबर माह के प्रथम सप्ताह तक शत-प्रतिशत पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा नहीं होने की स्थिति में संबंधित एजेंसी और कार्य की प्रगति के संबंध में राज्य स्तर पर प्रतिवेदन भेजने की कार्रवाई की जाएगी।

छात्रवृत्ति से लेकर पीएम-जनमन तक योजनाओं की समीक्षा

बैठक में कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। छात्रवृत्ति वितरण एवं उससे संबंधित प्रतिवेदन, संविधान के अनुच्छेद 275(1) के तहत संचालित योजनाओं तथा विभिन्न निर्माण कार्यों की स्थिति की जानकारी ली गई।

इसके अलावा लघु सिंचाई प्रमंडल, ग्रामीण विकास प्रमंडल, भवन प्रमंडल तथा पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल से संबंधित योजनाओं की भी समीक्षा हुई। आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों की मरम्मति, सीसीडी योजना, डीएजेजीयूए, वृहद धुमकुड़िया भवन, अल्पसंख्यक छात्रावास, पीएम-जनमन के तहत संचालित निर्माण कार्य तथा पेयजल योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई।

साइकिल योजना और पीएम-जनमन के तहत संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को क्रियान्वयन में तेजी लाने तथा पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ निर्धारित समय पर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर

उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने कहा कि सरकारी भवनों, आवासीय विद्यालयों, छात्रावासों, धुमकुड़िया भवनों और अन्य निर्माण कार्यों में किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अभियंताओं को नियमित रूप से निर्माण स्थलों का निरीक्षण करने और तकनीकी मानकों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने भवन प्रमंडल को सरकारी आवासों एवं अन्य भवनों की मरम्मति का कार्य भी गुणवत्तापूर्ण तरीके से कराने को कहा। उपायुक्त ने कहा कि किसी निर्माण कार्य को केवल निर्धारित समय में पूरा कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी गुणवत्ता, उपयोगिता और स्थायित्व भी सुनिश्चित होना चाहिए।

बैठक में उप विकास आयुक्त, परियोजना निदेशक, समेकित जनजातीय विकास अभिकरण, जिला कल्याण पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल सहित विभिन्न तकनीकी विभागों के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।