अमलिया में वन्यजीव संरक्षण जागरूकता अभियान, हाथियों से बचाव के बताए उपाय
वन्यजीव संरक्षण को लेकर अमलिया में चला जागरूकता अभियान,ग्रामीणों को हाथियों समेत अन्य वन्यजीवों से बचाव के बताए गए उपाय,संरक्षण में सहयोग की अपील।
भरनो(गुमला):- वन्य प्राणी सप्ताह 2026 के तहत वन,पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग,गुमला वन प्रमंडल की क्यूआरटी टीम द्वारा गुरुवार को भरनो प्रखंड के अमलिया गांव में वन्यजीव संरक्षण जागरूकता अभियान चलाया गया।अभियान के दौरान वनकर्मियों ने ग्रामीणों को वन्यजीवों की सुरक्षा,जंगलों के संरक्षण तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के उपायों की जानकारी दी।अभियान के दौरान वन विभाग की टीम ने विशेष रूप से हाथियों से होने वाले मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर ग्रामीणों को जागरूक किया।ग्रामीणों को बताया गया कि जंगल अथवा आसपास के क्षेत्रों में हाथियों सहित अन्य वन्यजीवों की मौजूदगी की जानकारी मिलने पर सावधानी बरतें और उनके करीब जाने या उन्हें छेड़ने का प्रयास नहीं करें।वन्यजीवों को देखने के लिए भीड़ नहीं लगाने तथा सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई।वनकर्मियों ने ग्रामीणों से कहा कि जंगल और वन्यजीव प्राकृतिक पर्यावरण के महत्वपूर्ण अंग हैं।वन्यजीवों के संरक्षण से पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है।ऐसे में ग्रामीणों की सहभागिता वन्यजीव संरक्षण के लिए बेहद जरूरी है।ग्रामीणों से जंगल में अवैध गतिविधियों को रोकने तथा वन्यजीवों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाने की अपील की गई।वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों को यह भी बताया कि यदि गांव या आसपास के क्षेत्र में हाथियों अथवा अन्य वन्यजीवों की गतिविधि दिखाई देती है,तो इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दें,ताकि विभाग की टीम समय पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई कर सके और मानव एवं वन्यजीव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।अधिकारियों ने कहा कि वन्यजीवों के संरक्षण के लिए केवल वन विभाग के प्रयास पर्याप्त नहीं हैं।इसके लिए स्थानीय ग्रामीणों का सहयोग और जागरूकता भी आवश्यक है।ग्रामीण यदि वन्यजीवों के व्यवहार और उनसे बचाव के तरीकों को समझेंगे,तो मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है।अभियान के दौरान वन विभाग की क्यूआरटी टीम के कर्मियों ने ग्रामीणों के साथ संवाद करते हुए वन्यजीव संरक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।इस अवसर पर वन विभाग के कर्मियों के अलावा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।जागरूकता अभियान के माध्यम से ग्रामीणों में वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने तथा जंगल और वन्यजीवों के संरक्षण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया।मौके पर वनरक्षी सतीश भगत,क्यूआरटी टीम अभय कुमार सिंह,राजकुमार सिंह, जुल्फान अंसारी,बैरागी उरांव,वन समिति के पूर्व अध्यक्ष जगजीवन सिंह,काली प्रसाद सिंह,नंदकिश्वर सिंह,महावीर सिंह,अभिषेक सिंह सहित अन्य मौजूद थे।

