पांकी CHC में गैर-चिकित्सकीय व्यक्ति से मरीजों की जांच का आरोप, 72 घंटे में कार्रवाई की मांग

पांकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गैर-चिकित्सकीय व्यक्ति द्वारा मरीजों की जांच का वीडियो वायरल, 72 घंटे में कार्रवाई की मांग : नागमणि रजक

पलामू, 01 अक्टूबर 2026।

आजाद समाज पार्टी के प्रदेश नेता नागमणि रजक ने पांकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सामने आई कथित गंभीर अनियमितताओं और बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पलामू उपायुक्त एवं सिविल सर्जन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

नागमणि रजक ने कहा कि कुछ दिन पूर्व सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें पांकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक व्यक्ति मरीज की जांच करते हुए तथा आला (स्टेथोस्कोप) लगाते हुए नजर आ रहा है। जानकारी के अनुसार उक्त व्यक्ति अस्पताल में संविदा पर कार्यरत जनरेटर ऑपरेटर के पिता बताए जा रहे हैं। उनका कहना है कि संबंधित व्यक्ति के पास मेडिकल क्षेत्र की कोई डिग्री या चिकित्सकीय योग्यता नहीं है और न ही वह अस्पताल में किसी चिकित्सकीय पद पर कार्यरत हैं। बताया जा रहा है कि यह वीडियो 09 सितंबर 2026 की शाम लगभग 6 बजे का है।

नागमणि रजक ने कहा कि यदि वीडियो की सत्यता जांच में सही पाई जाती है तो यह मरीजों की सुरक्षा और सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ा बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने अस्पताल प्रभारी महेंद्र प्रसाद से सवाल करते हुए कहा कि आखिर शाम 6 बजे अस्पताल में ड्यूटी पर अधिकृत डॉक्टर कौन था? यदि डॉक्टर मौजूद नहीं था तो किसी गैर-चिकित्सकीय व्यक्ति को मरीजों की जांच करने की अनुमति किसने दी? उस समय अस्पताल प्रभारी एवं अन्य जिम्मेदार चिकित्सक कहां थे? यदि उस व्यक्ति द्वारा इलाज के दौरान किसी मरीज की तबीयत बिगड़ जाती या कोई गंभीर घटना हो जाती, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता?

उन्होंने कहा कि पांकी जैसे बड़े प्रखंड के महत्वपूर्ण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को इस तरह की व्यवस्था के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। अस्पताल में डॉक्टरों की ड्यूटी रोस्टर, उपस्थिति एवं आने-जाने का समय स्पष्ट रूप से सार्वजनिक होना चाहिए, ताकि मरीजों को पता रहे कि किस समय कौन चिकित्सक ड्यूटी पर है।

नागमणि रजक ने कहा कि इस मामले को लेकर दो दिन पूर्व ही उपायुक्त, पलामू से कार्रवाई की मांग की गई थी, लेकिन अब तक प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई संतोषजनक कार्रवाई सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि यदि वीडियो और मामले के अन्य साक्ष्यों की जांच के बावजूद कार्रवाई नहीं होती है तो यह पलामू प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में मुख्य रूप से गरीब और जरूरतमंद लोग इलाज कराने पहुंचते हैं। गरीबों के इलाज से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

नागमणि रजक ने उपायुक्त पलामू एवं सिविल सर्जन से 72 घंटे के भीतर मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करने और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही अस्पताल में पर्याप्त डॉक्टरों की उपलब्धता, नियमित ड्यूटी व्यवस्था और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 72 घंटे के भीतर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो आजाद समाज पार्टी एवं भीम आर्मी जनहित में आंदोलन का अगला चरण शुरू करेगी। आवश्यकता पड़ने पर पांकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सिविल सर्जन कार्यालय एवं उपायुक्त कार्यालय का घेराव किया जाएगा और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार होने तक संघर्ष जारी रखा जाएगा।