पांकी के हुरलोंग पंचायत में जल मीनार योजना में फर्जी निकासी का आरोप, GPS तस्वीरों से उठे सवाल
पांकी के हुरलोंग पंचायत में 15वें वित्त आयोग की राशि की फर्जी निकासी का खुलासा, GPS तस्वीरों ने खोली पोल
पांकी (पलामू):
पांकी प्रखंड के हुरलोंग पंचायत में विकास योजनाओं के नाम पर सरकारी राशि के गबन और फर्जीवाड़े का एक बड़ा मामला उजागर हुआ है। पंचायत के ‘गोबरदाहा कला विद्यालय’ और ‘प्राथमिक विद्यालय झरीवा टोला’ में धरातल पर जल मीनार का निर्माण कराए बिना ही 15वें वित्त आयोग की राशि की फर्जी निकासी कर ली गई। इस पूरे मामले की सच्चाई जीपीएस (GPS) तस्वीरों और वीडियो के सामने आने के बाद उजागर हुई है।
बिना काम पूरा किए लगभग 3 माह पूर्व ही निकाल लिए पैसे
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हुरलोंग पंचायत के उक्त दोनों विद्यालयों में जल मीनार का निर्माण कराया जाना था। हालांकि, निर्माण कार्य पूरा होना तो दूर, स्थल पर योजना का नामोनिशान तक नहीं था। इसके बावजूद पंचायत कर्मियों ने कागजों में फर्जीवाड़ा करते हुए लगभग तीन महीने पहले ही योजनाओं को पूर्ण घोषित कर दिया। इसमें से एक योजना में आधे से अधिक राशि और दूसरी योजना में शत-प्रतिशत भुगतान उठा लिया गया।
एक ही तस्वीर से दो अलग-अलग योजनाओं का फर्जीवाड़ा
चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि जालसाजी को छिपाने के लिए पंचायत कर्मियों ने एक ही जीपीएस तस्वीर का इस्तेमाल दोनों विद्यालयों की अलग-अलग जल मीनार योजनाओं के रिकॉर्ड में कर दिया।
27 अगस्त की GPS तस्वीर और शिक्षकों एवं ग्रामीणों के बयान से खुली पोल
सोशल मीडिया पर वायरल हुई 27 अगस्त की जीपीएस तस्वीर में साफ़ देखा जा सकता है कि योजना का कार्य अधूरा पड़ा हुआ था। विद्यालय में कार्यरत शिक्षकों और स्थानीय ग्रामीणों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि जिस समय राशि की निकासी की गई, उस समय मौके पर जल मीनार स्थापित ही नहीं की गई थी।
शिकायत के बाद आनन-फानन में कार्य कराने की कोशिश, ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग
फर्जी निकासी की भनक लगते ही जब ग्रामीणों ने इस संबंध में अधिकारियों से शिकायत की, तो साक्ष्य मिटाने और मामले को दबाने के उद्देश्य से आनन-फानन में निर्माण कार्य पूरा कराने की कवायद शुरू कर दी गई।
ग्रामीणों ने इस संबंध में पुख्ता साक्ष्यों एवं जीपीएस तस्वीरों के साथ संबंधित वरीय अधिकारियों को लिखित शिकायत करने का निर्णय लिया है। ग्रामीणों ने फर्जीवाड़ा करने वाले दोषी पंचायत कर्मियों और बिचौलियों के खिलाफ सख्त कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की है।

