बद्रीनारायण साहा डीएवी पब्लिक स्कूल सिरसिया मे एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का आयोजन

बद्रीनारायण साहा डीएवी पब्लिक स्कूल सिरसिया मे एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का आयोजन

      बद्री नारायण साहा डीएवी पब्लिक स्कूल, सिरसिया, गिरिडीह में शनिवार को सीबीएसई के एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला (CBP) के अंतर्गत ‘लाइफ स्किल्स (बेसिक)’ विषय पर शिक्षक-प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य शिक्षकों को जीवन-कौशल की अवधारणाओं एवं व्यावहारिक पक्षों से परिचित कराकर छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए सक्षम बनाना है।
    कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक परंपरा के अनुरूप यज्ञ-हवन से हुआ। इसके पश्चात विद्यालय के प्राचार्य सचिन गर्ग ने हरियाली के प्रतीक पौधे भेंट कर अतिथियों का स्वागत किया। विद्यालय के प्राचार्य सचिन गर्ग, सीसीएल डीएवी, गिरिडीह के प्राचार्य ओमप्रकाश गोयल, दून पब्लिक स्कूल, धनबाद के प्राचार्य एवं रिसोर्स पर्सन अमित कुमार सिंह तथा एपीजे सरस्वती विद्या मंदिर, राँची के प्राचार्य एवं रिसोर्स पर्सन प्रदीप कुमार सिन्हा ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।
  प्रशिक्षण में सकारात्मक चिंतन, प्रभावी संचार, संबंध निर्माण, निर्णय क्षमता, समस्या-समाधान एवं उत्तरदायित्व-बोध जैसे महत्वपूर्ण जीवन-कौशलों पर चर्चा की गई। रिसोर्स पर्सन अमित कुमार सिंह एवं प्रदीप कुमार सिन्हा ने अपने अनुभवों से शिक्षकों का मार्गदर्शन किया। साथ हीकार्यशाला के दौरान प्रशिक्षण में बताए गए विचारों एवं जीवन-कौशल की अवधारणाओं को कक्षा-कक्ष में सहज एवं प्रभावी ढंग से लागू करने के तरीकों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। प्रशिक्षकों ने शिक्षकों के साथ संवाद करते हुए उनकी जिज्ञासाओं एवं प्रश्नों का समाधान किया तथा व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से शिक्षण प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने के सुझाव दिए।
प्राचार्य सचिन गर्ग ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यपुस्तकीय ज्ञान देना नहीं, बल्कि छात्रों में आत्मविश्वास, संवेदनशीलता, निर्णय क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे गुणों का विकास करना भी है। जीवन-कौशल प्रशिक्षण इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कार्यक्रम में लगभग 60 शिक्षक प्रशिक्षित हुए तथा उन्होंने जीवन- कौशल आधारित शिक्षण की प्रभावी तकनीकों और व्यावहारिक गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की, जिसे वे कक्षा-कक्ष में विद्यार्थियों के व्यक्तित्व-विकास के लिए उपयोग कर सकेंगे।