ग्रामीणों के विरोध के बाद बदला मंजर, हुरलौंग पंचायत के दो विद्यालयों में शुरू हुई सोलर जलापूर्ति योजना
ग्रामीणों के विरोध के बाद बदला मंजर, हुरलौंग पंचायत के दो विद्यालयों में शुरू हुई सोलर जलापूर्ति योजना
अधूरी योजनाओं को लेकर ग्रामीणों ने जताया था आक्रोश, विरोध के बाद पंचायत तंत्र हुआ सक्रिय
पांकी। पांकी प्रखंड के हुरलौंग पंचायत में विकास कार्यों की सुस्त रफ्तार और मूलभूत सुविधाओं के अभाव को लेकर ग्रामीणों का विरोध आखिरकार रंग लाया। पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मियों की कार्यशैली से नाराज ग्रामीणों के कड़े रुख के बाद पंचायत तंत्र सक्रिय हुआ और दो सरकारी विद्यालयों में लंबे समय से अधर में लटकी सोलर जलापूर्ति योजना को चालू कर दिया गया।
हुरलौंग पंचायत क्षेत्र में जर्जर सड़कों, पेयजल की समस्या और साफ-सफाई के अभाव को लेकर ग्रामीण लंबे समय से परेशान थे। बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी को लेकर ग्रामीणों ने कई बार सवाल उठाए, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं हो सका। विशेष रूप से 15वें वित्त आयोग की राशि से कराए जा रहे विकास कार्यों की जानकारी ग्रामीणों को स्पष्ट रूप से नहीं मिलने से नाराजगी बढ़ती गई।
ग्रामीणों ने खुद की योजनाओं की पड़ताल
पंचायत की विकास योजनाओं में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने के बाद ग्रामीणों ने स्वयं धरातल पर जाकर योजनाओं की स्थिति की पड़ताल करने का निर्णय लिया। जांच के दौरान ग्रामीणों ने दावा किया कि 15वें वित्त मद से आधी से अधिक राशि का भुगतान हो चुका था, जबकि कुछ योजनाएं स्थल पर अधूरी पड़ी थीं।
कागजों में दर्ज प्रगति और जमीनी स्थिति में कथित अंतर सामने आने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गई। इसके बाद ग्रामीणों ने एकजुट होकर पंचायत प्रतिनिधियों के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराई और अधूरी योजनाओं को पूरा कराने की मांग की।
जनआक्रोश के बाद शुरू हुआ काम
ग्रामीणों के विरोध के बाद पंचायत स्तर पर रुकी हुई योजनाओं पर काम शुरू कराया गया। इसी क्रम में उत्क्रमित मध्य विद्यालय झरीवा टोला और उत्क्रमित मध्य विद्यालय गोबरदहा में सोलर आधारित जलापूर्ति योजना शुरू कर दी गई।
सोलर जलापूर्ति योजना शुरू होने से दोनों विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को पेयजल की सुविधा मिलने लगी है। इससे विद्यार्थियों को राहत मिली है और ग्रामीणों में भी खुशी का माहौल है।
अन्य अधूरी योजनाओं पर भी नजर रखने का संकल्प
ग्रामीणों का कहना है कि सोलर जलापूर्ति योजना का शुरू होना उनकी एकजुटता और जागरूकता का परिणाम है। स्थानीय लोगों ने पंचायत की अन्य विकास योजनाओं की भी निगरानी करने का निर्णय लिया है, ताकि सरकारी राशि का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके और अधूरी योजनाओं को समय पर पूरा कराया जा सके।
ग्रामीणों ने पंचायत क्षेत्र में सड़क, पेयजल, साफ-सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के स्थायी समाधान की भी मांग की है।

