रात में धुरकी सीएचसी से डॉक्टर समेत स्वास्थ्यकर्मी नदारद, बिना इलाज लौटना पड़ा मरीज

रात में धुरकी सीएचसी से डॉक्टर समेत स्वास्थ्यकर्मी नदारद, बिना इलाज लौटना पड़ा मरीज

धुरकी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) धुरकी में रात्रि के समय स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल एक बार फिर खुल गई। शुक्रवार की रात अचानक तबीयत बिगड़ने पर इलाज के लिए सीएचसी पहुंचे मरीज को अस्पताल में कोई स्वास्थ्यकर्मी नहीं मिला। काफी देर तक इंतजार करने के बाद भी डॉक्टर, सीएचओ और एएनएम के नहीं पहुंचने के कारण मरीज को बिना इलाज कराए ही वापस लौटना पड़ा। इस दौरान अस्पताल परिसर में सन्नाटा पसरा रहा और सुरक्षा के लिए गार्ड की भी तैनाती नहीं दिखी।
जानकारी के अनुसार, धुरकी प्रखंड के कुंबाकला गांव निवासी अविनाश यादव की शुक्रवार की रात अचानक तबीयत खराब हो गई। उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी इसके बाद परिजन उन्हें तत्काल इलाज के लिए धुरकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। परिजनों के अनुसार, अस्पताल पहुंचने के बाद उन्होंने काफी देर तक डॉक्टर एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की तलाश की, लेकिन वहां कोई स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं था। परिजनों का कहना है कि रात के समय अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने पर सरकारी अस्पताल ही सबसे बड़ी उम्मीद होती है। लेकिन अस्पताल में चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी नहीं मिलने से मरीज को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। यदि मरीज की स्थिति गंभीर होती तो समय पर उपचार नहीं मिलने से बड़ी अनहोनी भी हो सकती थी।ग्रामीणों का आरोप है कि धुरकी सीएचसी में रात्रि के समय डॉक्टर एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के नदारद रहने की शिकायत पहले भी सामने आती रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की ओर से अस्पताल में 24 घंटे स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है, लेकिन ड्यूटी के दौरान कर्मियों की अनुपस्थिति के कारण इसका लाभ जरूरतमंद मरीजों को नहीं मिल पा रहा है।
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारियों से मामले की जांच कराने तथा रात्रि ड्यूटी व्यवस्था को सख्ती से लागू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि आपात स्थिति में मरीज किसी भी समय अस्पताल पहुंच सकते हैं, इसलिए रात्रि में चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मियों की मौजूदगी सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।

इस संबंध में सीएचसी प्रभारी डॉ. रत्नेश कुमार ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। यदि रात्रि ड्यूटी के दौरान इस तरह की लापरवाही हुई है तो उस समय ड्यूटी में मौजूद कर्मियों से शो-कॉज कर जवाब मांगा जाएगा। जवाब मिलने के बाद मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।