सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, बरगंडा में रक्षाबंधन पर त्रिवेणी आयोजन: राखी बनाओ, मेंहदी सजाओ और वृक्ष-रक्षा रक्षाबंधन
सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, बरगंडा में रक्षाबंधन पर्व को लेकर हर्षोल्लास के साथ विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
कक्षा प्रथम से द्वादश तक की बहनों ने राखियों का निर्माण किया। रंग-बिरंगे धागे, मोती और कागज से बनी आकर्षक राखियों में भारतीय संस्कृति और आत्मनिर्भरता की झलक दिखी।
इसी के साथ विद्यालय में मेंहदी प्रतियोगिता” का भी आयोजन किया गया, जिसमें बहनों ने एक-दूसरे के हाथों पर सुंदर-सुंदर मेंहदी के डिजाइन बनाए। पारंपरिक और आधुनिक दोनों प्रकार के डिजाइनों ने सभी का मन मोह लिया।
कार्यक्रम का सबसे प्रेरणादायी क्षण रहा जब बहनों ने अपनी बनाई हुई राखियों को केवल भैया की कलाई पर ही नहीं, बल्कि विद्यालय परिसर के अशोक, अमरूद, तुलसी सहित अन्य पेड़-पौधों को भी बांधा और वृक्ष है तो जीवन है हेतु रक्षा का संकल्प लिया।
इस अवसर पर प्रभारी प्रधानाचार्य श्री अजित मिश्र जी ने सभी प्रतिभागी बहनों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि, इस प्रकार के आयोजन से एक ओर जहाँ भैया – बहन अपनी संस्कृति से मजबूती से जुड़ते हैं वहीं भैया-बहनों में कौशल विकास भी होता है। रक्षाबंधन केवल भाई-बहन का पर्व नहीं, यह सहयोग, आत्मीयता और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का पर्व है। उन्होंने बताया कि दोनों प्रतियोगिताओं में कक्षाश: उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बहनों को पुरस्कृत किया जाएगा।
शिशु वाटिका में कल्पना दीदी के दिशा-निर्देशन में नन्हीं बहनों ने भैया की कलाई पर राखी बांधी।
कार्यक्रम को सफल बनाने में आचार्या बहनें सरिता कुमारी, शालिनी राज, निशा श्रेष्ठ, ममता सिन्हा, सरिता बरनवाल,अनीता कुमारी, मोनालिसा कुमारी, मनीषा पांडेय, गायत्री विश्वकर्मा, मोंटूसी दान, प्रिया विशाखा, सीमा शंघाई, बेबी सरकार , अनीता मिश्रा, मोनिका सिंह,मेनका दीदी,प्रीति कुमारी सहित समस्त विद्यालय परिवार की सराहनीय भूमिका रही।

