खनिज उपकर बिल के खिलाफ JMM का हुंकार, आर्थिक नाकेबंदी-चक्का जाम की चेतावनी

खनिज वहन भूमि उपकर बिल के खिलाफ जेएमएम का हुंकार, आर-पार की लड़ाई का ऐलान
20 अगस्त को अंतिम बैठक के बाद आंदोलन की तैयारी, जिलाध्यक्ष संजय सिंह ने कहा—जरूरत पड़ी तो आर्थिक नाकेबंदी और चक्का जाम

संसद के दोनों सदनों में पारित किए गए खनिज वहन भूमि उपकर बिल के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। रविवार को गिरिडीह में आयोजित प्रेसवार्ता में जेएमएम नेताओं ने आंदोलन की रूपरेखा की जानकारी देते हुए कहा कि पार्टी अब इस मुद्दे पर चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करेगी।
प्रेसवार्ता में जेएमएम जिलाध्यक्ष संजय सिंह, महापौर प्रमिला मेहरा, डिप्टी मेयर सहित अजीत कुमार पप्पू, रॉकी सिंह, कृष्ण मुरारी शर्मा और शाहनवाज अंसारी मौजूद रहे।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए जिलाध्यक्ष संजय सिंह ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने साजिश के तहत दोनों सदनों में बिना पर्याप्त चर्चा के इस बिल को पारित कराया है। उन्होंने कहा कि इस बिल के जरिए झारखंड के अधिकार और राजस्व हितों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
संजय सिंह ने कहा कि हेमंत सरकार के निर्देश पर गिरिडीह जेएमएम ने आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। 20 अगस्त को पार्टी के निर्देश पर अंतिम बैठक आयोजित की जाएगी, जिसके बाद राज्यभर में बिल के विरोध में आंदोलन को धार देने की तैयारी है।
जेएमएम जिलाध्यक्ष ने साफ शब्दों में कहा कि यह लड़ाई लंबी चल सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और व्यापक करते हुए आर्थिक नाकेबंदी और चक्का जाम जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।
जेएमएम नेताओं ने केंद्र सरकार से इस बिल पर पुनर्विचार करने और झारखंड के हितों एवं अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। प्रेसवार्ता के जरिए पार्टी ने साफ संकेत दिया कि आने वाले दिनों में खनिज उपकर का मुद्दा झारखंड में एक बड़े राजनीतिक आंदोलन का रूप ले सकता है।