मलय डैम की मरम्मत पूरी, किसानों को बड़ी राहत | महापंचायत आंदोलन का असर

पलामू: सतबरा के मलाई (मलय) डैम की मरम्मत पूर्ण, किसानों को मिली राहत; महापंचायत आंदोलन का दिखा असर

सतबरवा (पलामू)। पलामू जिले के सतबरवा प्रखंड अंतर्गत चर्चित मलय (मलय) डैम टूटने से उत्पन्न हुई सिंचाई संबंधी समस्या अब समाप्त होने जा रही है। लंबे समय से किसानों के बीच चिंता का विषय बना यह मुद्दा आखिरकार प्रशासनिक स्तर पर हल हो गया है। सतबरवा समाज के आशीष कुमार सिंहा के निरंतर प्रयासों तथा महापंचायत आंदोलन के दबाव के बाद प्रशासन ने आज मरम्मत कार्य को पूर्ण कर दिया है। अब कुछ ही दिनों में किसानों को सिंचाई हेतु पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
गौरतलब है कि मलाई डैम सतबरवा प्रखंड का एक महत्वपूर्ण जल स्रोत है, जिससे क्षेत्र के सैकड़ों किसानों की रबी एवं खरीफ फसलें निर्भर करती हैं। डैम की संरचना में हुई क्षति के कारण नहरों में पानी का प्रवाह बाधित हो गया था, जिससे किसानों में व्यापक चिंता व्याप्त हो गई थी। फसलों की सिंचाई न होने से उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही थी। इस स्थिति में स्थानीय किसान संगठनों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करने का प्रयास आरंभ किया।
सतबरवा समाज से जुड़े आशीष कुमार सिंह ने समस्या के आरंभ से ही सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने प्रशासन के विभिन्न स्तरों पर लगातार संपर्क बनाए रखा तथा किसानों की मांगों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। समस्या के समाधान में देरी होती देख क्षेत्र में महापंचायत आंदोलन का आयोजन किया गया। इस महापंचायत में सतबरवा प्रखंड के तमाम किसानों ने बड़ी संख्या में भाग लिया और डैम की शीघ्र मरम्मत की मांग की। आंदोलन के प्रभावस्वरूप प्रशासन ने कार्य को प्राथमिकता दी और आज इसे पूर्ण कर दिया गया।
आशीष कुमार सिंह ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि महापंचायत आंदोलन के कारण ही आज प्रतिफल मिला है। उन्होंने पूरे जिले की टीम की भूरी-भूरी प्रशंसा की तथा जिला प्रशासन, विशेषकर जिला कप्तान (डीसी) को कोटि-कोटि धन्यवाद दिया। आशीष सिंहा ने डीसी का स्वागत भी किया और उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एवं प्रिंट मीडिया के सभी प्रतिनिधियों का भी धन्यवाद ज्ञापित किया, जिन्होंने इस मुद्दे को लगातार प्रकाश में लाकर जनहित में सहयोग प्रदान किया। सतबरवा के तमाम किसानों के सहयोग को भी उन्होंने महत्वपूर्ण बताया।
क्षेत्र के किसानों में अब राहत की लहर है। वे आशा कर रहे हैं कि शीघ्र ही नहरों में पानी छोड़ दिया जाएगा, जिससे खेतों की सिंचाई सुनिश्चित हो सकेगी। मलाई डैम से सतबरवा सहित आसपास के कई गांवों की कृषि भूमि लाभान्वित होती है। पानी उपलब्ध होने से न केवल वर्तमान फसलें सुरक्षित होंगी बल्कि आगामी फसल चक्र के लिए भी अनुकूल परिस्थितियां बनेंगी।
यह घटना स्थानीय स्तर पर जन आंदोलन एवं प्रशासनिक सहयोग के सफल समन्वय का उदाहरण प्रस्तुत करती है। आशीष कुमार सिंहा एवं किसानों के निरंतर प्रयासों ने सिद्ध कर दिया कि संगठित आवाज एवं धैर्यपूर्ण संघर्ष से समस्याओं का समाधान संभव है। अब प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि पानी छोड़ने की प्रक्रिया में और अधिक विलंब न हो, ताकि किसान समय पर सिंचाई का लाभ उठा सकें।

रिपोर्टिंग: बनारसी
सतबरवा, पलामू