मलय डैम चैनल-18 की मरम्मत नहीं हुई तो किसानों का आमरण अनशन, DC घेराव का ऐलान

सतबरवा: मलय डैम चैनल नंबर-18 की मरम्मत को लेकर किसानों ने किया आंदोलन का ऐलान, एक सप्ताह बाद उपायुक्त का घेराव व आमरण अनशन*

सतबरवा (पलामू): मलय डैम चैनल संख्या-18 की लंबे समय से लंबित मरम्मत को लेकर ब्रह्मस्थान के पास एक महत्वपूर्ण बैठक एवं प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। बैठक में किसानों ने सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए आंदोलन का निर्णय लिया।

किसानों ने बताया कि मलय डैम से सतबरवा, मेदिनीनगर सदर और लेसलीगंज क्षेत्र के 105 गांवों के किसान सिंचाई पर निर्भर हैं। यह डैम 1 लाख 50 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचित करता है।

किसानों ने आरोप लगाया कि बार-बार आवेदन पत्र देने के बावजूद प्रशासन और सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। विगत दिसंबर 2025 में चैनल क्षतिग्रस्त हो गया था। 18 दिसंबर 2025 को तत्कालीन उपायुक्त को इसकी सूचना दी गई। इसके अलावा मुख्यमंत्री, राज्यपाल, पलामू सांसद, स्थानीय विधायक और संबंधित विभागीय अधिकारियों को लिखित जानकारी दी गई, लेकिन सभी कुम्भकर्णी नींद सोए हुए हैं।

किसानों ने कहा, “हम सभी मलय डैम पर आधारित हैं। इस वर्ष मौसम भी किसानों के प्रतिकूल रहा है। यदि समय रहते चैनल की मरम्मत नहीं हुई तो खेती-किसानी बुरी तरह प्रभावित होगी।”

आंदोलन कार्यक्रम:
बैठक में निर्णय लिया गया कि एक सप्ताह बाद पलामू उपायुक्त कार्यालय का घेराव किया जाएगा तथा मलय डैम स्थल पर आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।

मौजूद प्रमुख लोग:

  • आशिष कुमार सिन्हा (सामाजिक कार्यकर्ता)
  • ब्रह्मा देव सिंह (दुलसुलमा पंचायत मुखिया)
  • जगदीश सिंह (पंचायत समिति सदस्य)
  • जिला परिषद सदस्य प्रतिनिधि
  • अजय उरांव (पाकी विधायक प्रतिनिधि)
  • संजय यादव, गणेश शुक्ला, प्रदीप उपाध्याय, रामेश्वर चौधरी, राजा सिंह, पुरन सिंह, हारुन रशीद, प्रमोद यादव, गुड्डू सिंह, विजय बैठा, मनोज कुमार मेहता, निवास चौधरी, धीरज वर्मा, मोहम्मद शबीर सहित सैकड़ों किसान।

किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

संबंधित विभाग व सरकार से अपील: किसान संगठनों ने तुरंत चैनल नंबर-18 की मरम्मत कराने और किसानों की सिंचाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

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