वज्रपात की चपेट में आने से पांच भैंसों की मौत, पशुपालक को भारी आर्थिक क्षति
वज्रपात की चपेट में आने से पांच भैंसों की मौत, पशुपालक को भारी आर्थिक क्षति
धुरकी थाना क्षेत्र अंतर्गत रक्सी पंचायत के कदवा गांव में मंगलवार को हुई तेज बारिश और वज्रपात ने एक पशुपालक को भारी नुकसान पहुंचा दिया। कदवा गांव निवासी बुद्धु यादव की 7 भैंस में 5पांच भैंसों की आकाशीय बिजली (वज्रपात) की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है, वहीं पीड़ित परिवार पर आर्थिक संकट गहरा गया है।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर 3 बजे मौसम अचानक बदल गया। तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। इसी दौरान बुद्धु यादव की भैंस झोपडी नुमा झाला के नीचे रखा था। तभी अचानक तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिर गई, जिसकी चपेट में आने से पांचों भैंसों की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे। मृत भैंसों को देखकर लोगों में दुख का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने बताया कि बुद्धु यादव का परिवार मुख्य रूप से पशुपालन पर निर्भर है। एक साथ पांच भैंसों की मौत से उन्हें लाखों रुपये की आर्थिक क्षति हुई है। परिवार के सामने आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया है।
घटना की सूचना स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन को भी दी गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित पशुपालक को सरकारी प्रावधानों के तहत शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक राहत मिल सके। ग्रामीणों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा से हुई इस क्षति की भरपाई बिना सरकारी सहायता के संभव नहीं है।
मौसम विभाग ने भी बारिश के मौसम में वज्रपात की घटनाओं को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। इधर अंचल अधिकारी विमल कुमार सिंह ने कहा कि सरकारी प्रावधान के तहत पशुपालक को उचित मुआवजा का लाभ दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ों के नीचे तथा ऊंचे स्थानों पर खड़े होने से बचना चाहिए। पशुओं को भी सुरक्षित स्थानों पर बांधकर रखना चाहिए, ताकि इस प्रकार की घटनाओं से बचाव किया जा सके।
फिलहाल पीड़ित परिवार प्रशासन से सहायता की उम्मीद लगाए हुए है। ग्रामीणों ने भी जिला प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर शीघ्र राहत राशि उपलब्ध कराने की मांग की है।

